शिमला/नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10.10 रुपए प्रति लीटर की कटौती कर दी है। इस फैसले का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के दबाव से लोगों को बचाना और ईंधन की कीमतों में संभावित वृद्धि को रोकना बताया जा रहा है।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर यह शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इस निर्णय की जानकारी संसद को भी दे दी गई है। केंद्र की मोदी सरकार के इस फैसले से अब आम जनता को महंगाई की मार से बचाया जा सकेगा।
तेल कंपनियों को राहत
कच्चे तेल की कीमतें एक महीने में 73 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 105 डॉलर के पार पहुंच चुकी हैं। ऐसे में तेल विपणन कंपनियों पर कीमतें बढ़ाने का दबाव था, लेकिन केंद्र सरकार के इस फैसले से कंपनियों को राहत मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कटौती के बाद तेल कंपनियां तत्काल कीमतें नहीं बढ़ाएंगी। इससे आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी और आने वाले दिनों में पेट्रोल.डीजल के दाम स्थिर रह सकते हैं।
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पूरी राहत की उम्मीद कम, आंशिक कमी संभव
हालांकि जानकारों का कहना है कि उत्पाद शुल्क में कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे, इसकी संभावना कम है। तेल कंपनियां पहले हुए नुकसान की भरपाई के लिए इस राहत का उपयोग कर सकती हैं। ऐसे में यदि कीमतों में कमी होती भी है, तो वह 10 रुपए नहीं बल्कि 2 से 4 रुपए तक सीमित रह सकती है।
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हिमाचल में राहत पर संकट
जहां एक ओर केंद्र सरकार ने राहत दी है, वहीं हिमाचल प्रदेश में यह राहत पूरी तरह मिलती नहीं दिख रही है। राज्य की सुक्खू सरकार पेट्रोल और डीजल पर अनाथ और विधवा सेस लगाने की तैयारी कर रही है। विधानसभा में इस संबंध में संशोधन विधेयक पारित किया जा चुका है, जिसमें प्रति लीटर अधिकतम 5 रुपए तक सेस लगाने का प्रावधान है। हालांकि, अभी इस प्रस्ताव को राज्यपाल की मंजूरी मिलना बाकी है। यदि यह लागू होता है, तो राज्य में ईंधन की कीमतें फिर बढ़ सकती हैं।
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शिमला सहित प्रदेश में मौजूदा कीमतें
राजधानी शिमला में वर्तमान में पेट्रोल लगभग 95 रुपए प्रति लीटर और डीजल करीब 87 रुपए प्रति लीटर के आसपास मिल रहा है। वहीं अन्य क्षेत्रों में भी कीमतें इसी दायरे में बनी हुई हैं।
खाड़ी तनाव के बीच राहत भरा फैसला खाड़ी देशों में जारी तनाव के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही थी। ऐसे समय में केंद्र सरकार का यह फैसला आम जनता के लिए राहत भरा साबित हुआ है। फिलहाल इस निर्णय से कीमतों में बढ़ोतरी पर रोक लग गई है, लेकिन राज्य स्तर पर लिए जाने वाले फैसले आगे की स्थिति तय करेंगे।
