बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रहे चिट्टा तस्करी और नशे के मामलों के बीच बिलासपुर जिला की ,d पंचायत ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसकी पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। नशे के खिलाफ जनभागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से पंचायत ने घोषणा की है कि पंचायत क्षेत्र में चिट्टा बेचने या सेवन करने वाले व्यक्ति की सूचना देकर उसे पकड़वाने वाले व्यक्ति को ₹5100 का नकद इनाम दिया जाएगा।

 

यह फैसला ग्राम प्रधान शशि पाल ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित ग्राम सभा में सर्वसम्मति से लिया गया। पंचायत का मानना है कि नशे जैसी सामाजिक बुराई पर केवल प्रशासनिक कार्रवाई से नहीं, बल्कि जनता की सक्रिय भागीदारी से ही प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

खुलेआम नशा करने वालों पर भी सख्ती

घुमारवीं विकास खंड की लंझता पंचायत की ग्राम सभा में स्पष्ट किया गया कि पंचायत क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए जागरूकता के साथ-साथ निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया जाएगा। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पंचायत और पुलिस को दें।

 

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सुक्खू सरकार के अभियान को मिला नया बल

प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग पहले से ही नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चला रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर नशे के खिलाफ जंग को पंचायत स्तर तक पहुंचाया जा रहा है। लंझता पंचायत का यह निर्णय इसी मुहिम को जमीनी स्तर पर मजबूती देने वाला माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत का यह कदम नशा तस्करों में डर पैदा करेगा और युवाओं को नशे की दलदल में जाने से रोकने में मददगार साबित होगा।

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ग्राम सभा में पारित हुए कई जनहितकारी प्रस्ताव

नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के साथ-साथ ग्राम सभा में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए। पंचायत ने निर्णय लिया कि क्षेत्र में किसी भी शुभ अवसर पर किन्नरों को ₹1100 शगुन दिया जाएगा। इसके अलावा सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक को प्रभावी बनाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने का भी संकल्प लिया गया।

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बाहरी किरायेदारों और फेरीवालों पर भी रहेगी नजर

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पंचायत ने बाहरी किरायेदारों का पुलिस थाना और पंचायत में पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। वहीं, बाहरी फेरीवालों को पंचायत से पूर्व अनुमति लेने के बाद ही क्षेत्र में कारोबार करने की अनुमति होगी। ग्राम प्रधान शशि पाल ठाकुर ने कहा कि पंचायत को नशामुक्त, सुरक्षित और आदर्श पंचायत बनाने के लिए ग्रामीणों के सहयोग से लगातार अभियान चलाया जाएगा।

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नशे के खिलाफ अब गांव भी तैयार

लंझता पंचायत का यह निर्णय इस बात का संकेत है कि अब नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस तक सीमित नहीं रही, बल्कि गांव-गांव में लोग भी इस मुहिम का हिस्सा बन रहे हैं। पंचायत का मानना है कि सामूहिक जागरूकता और जनसहयोग से ही नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

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