रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर अब जनजातीय क्षेत्रों में भी साफ दिखाई देने लगा है। किन्नौर जिले में शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (एनएच-5) दो अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन और पहाड़ी से भारी चट्टानें गिरने के कारण बाधित हो गया।
लगातार बारिश बनी आफत
सड़क बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। राहत की बात यह रही कि चौरा के पास कई घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को बहाल कर दिया गया, जबकि नाथपा के पास सड़क खोलने का काम जारी है।
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चौरा के पास पहाड़ी से गिरीं भारी चट्टानें
जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह चौरा के पास अचानक पहाड़ी से भारी चट्टानें और मलबा एनएच-5 पर आ गिरा। देखते ही देखते राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया और वाहनों की आवाजाही थम गई।
सूचना मिलते ही NHAI की टीम मशीनरी के साथ मौके पर पहुंची और सड़क से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया। करीब साढ़े तीन घंटे तक चले राहत कार्य के बाद चट्टानों और मलबे को हटाकर मार्ग को दोबारा यातायात के लिए खोल दिया गया।
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नाथपा के पास भी भूस्खलन
इसी बीच नाथपा क्षेत्र में भी पहाड़ी से मलबा आने के कारण एनएच-5 का एक हिस्सा प्रभावित हो गया। संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंचकर सड़क बहाली के कार्य में जुट गईं। अधिकारियों का कहना है कि मार्ग को जल्द से जल्द पूरी तरह बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वैकल्पिक मार्ग से जारी है आवाजाही
प्रशासन के अनुसार नाथपा क्षेत्र में फिलहाल वैकल्पिक मार्ग के माध्यम से वाहनों की आवाजाही जारी रखी गई है, ताकि यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि लोगों से अपील की गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
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प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में कभी भी चट्टानें और मलबा गिर सकता है, इसलिए राष्ट्रीय राजमार्गों और संवेदनशील मार्गों पर विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
एजेंसियों को अलर्ट पर रखा
प्रदेश में सक्रिय मानसून के चलते आने वाले दिनों में भी भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और सड़कों को जल्द से जल्द सुचारु रखने के लिए संबंधित एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।
