शिमला। हिमाचल प्रदेश में आज खिलखिलाती धूप निकली है- जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। मानसून फिलहाल कुछ धीमा पड़ा है, लेकिन इसका असर ज्यादा समय तक थमने वाला नहीं है।

हिमाचल में मौसम का हाल

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, कल से एक बार फिर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हो रहा है, जिसकी वजह से अगले तीन दिन यानी 23 से 25 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

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मौसम रहेगा साफ

गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि कुछ ऊपरी इलाकों में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। मौसम विभाग का कहना है कि लोगों को आज कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन कल से हालात फिर बिगड़ सकते हैं।

कई जिलों में यलो अलर्ट

शुक्रवार के लिए विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि इन जिलों में मध्यम दर्जे की बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

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भारी बारिश का खतरा

23 अगस्त को कांगड़ा, कुल्लू और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। वहीं चंबा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश की आशंका है। जबकि, 24 अगस्त को हालात और गंभीर हो सकते हैं। इस दिन सिरमौर जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और किन्नौर जिलों में भी भारी बारिश का यलो अलर्ट रहेगा।

तबाही का आंकड़ा चिंताजनक

इस मानसून सीजन में अब तक बारिश और भूस्खलन ने प्रदेश को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सरकारी और निजी संपत्ति को कुल 2281 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। जबकि,

  • 635 घर पूरी तरह ढह गए
  • 2146 घर आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त हुए
  • 385 दुकानें बुरी तरह प्रभावित हुईं
  • 2527 गोशालाएं टूट-फूट का शिकार हुईं

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लोगों को सतर्क रहने की हिदायत

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और नदियों-नालों के किनारे न जाएं। पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। जिला प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है।

कहर बरसा रहा मानसून

विदित, हिमाचल में इस बार का मानसून सामान्य से कहीं ज्यादा कहर बरपा रहा है। लगातार हो रही बारिश से लोगों की जिंदगी पटरी से उतरी हुई है। अब जबकि अगले तीन दिनों तक फिर से भारी बारिश के आसार हैं, लोगों को सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।

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