शिमला। हिमाचल प्रदेश में पिछले साल प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी आर्थिक सहायता मंजूर की है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के विभाग को पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट यानी PDNA 2025 के तहत 1091.32 करोड़ रुपये मिले हैं।
इस राशि से प्रदेश में क्षतिग्रस्त सड़क नेटवर्क और अन्य ढांचागत सुविधाओं को दोबारा दुरुस्त किया जाएगा। सरकार ने स्वीकृत रकम में से पहली किश्त के रूप में 327.40 करोड़ रुपये विभाग को जारी कर दिए हैं।

10 हजार किलोमीटर से ज्यादा सड़कें हुई थीं प्रभावित

वर्ष 2025 में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रदेश में सड़क और पुलों को व्यापक नुकसान पहुंचा था। लोक निर्माण विभाग के आकलन के अनुसार, कुल 10,642 किलोमीटर सड़कें प्रभावित हुई थीं। इनमें 1,077 किलोमीटर प्रमुख जिला सड़कें और 9,565 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें शामिल थीं।

 

यह भी पढ़ें : CM सुक्खू ने राहुल-प्रियंका को दी दिवाली की बधाई, कैबिनेट विस्तार पर चर्चा!

 

आपदा के दौरान 86 पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए, जबकि 14 पुल पूरी तरह टूट गए थे। इसके अतिरिक्त 2,141 कल्वर्ट को भी नुकसान पहुंचा था। उस समय विभाग ने सड़क, पुल और अन्य ढांचागत सुविधाओं को हुए नुकसान का कुल अनुमान 3,382.86 करोड़ रुपये लगाया था।

कांगड़ा जोन को सबसे ज्यादा राशि

केंद्र से स्वीकृत 1091.32 करोड़ रुपये में सबसे बड़ा हिस्सा कांगड़ा जोन को मिला है। जिसमें-

कांगड़ा जोन : 370.75 करोड़ रुपये
शिमला जोन : 295.53 करोड़ रुपये

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में बढ़ी नए जिलों की उम्मीद! आयोग ने शुरू किया मंथन, बदल जाएंगी सीमाएं

 

मंडी जोन : 232.54 करोड़ रुपये
हमीरपुर जोन : 192.51 करोड़ रुपये

ग्रामीण सड़कों की बहाली पर रहेगा जोर

स्वीकृत सहायता राशि में ग्रामीण सड़क नेटवर्क को दोबारा तैयार करने के लिए सबसे ज्यादा बजट रखा गया है। ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और बहाली के लिए 789.34 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं, प्रमुख जिला सड़कों के लिए 162.81 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।

 

यह भी पढ़ें : धनतेरस के दिन सुक्खू सरकार की बड़ी जीत, सालाना 1000 करोड़ की कमाई होगी

 

इसके अलावा स्लैब और बॉक्स कल्वर्ट की मरम्मत पर 65.50 करोड़ रुपये तथा पुलों की बहाली के लिए 73.67 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। केंद्र से पहली किश्त मिलने के बाद अब लोक निर्माण विभाग के सामने क्षतिग्रस्त ढांचागत सुविधाओं की मरम्मत और बहाली के कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें