शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने जुलाई की शुरुआत से ही रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। तीन दिनों में सामान्य से दोगुनी बारिश रिकॉर्ड हुई है, कई जिलों में सड़कें और पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। मानसून के प्रवेश से लेकर अभी तक 16 करोड़ के नुकसान का आकलन कर लिया गया है। तीन दिनों के दौरान प्रदेश में 30.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है जो सामान्य से 106 प्रतिशत अधिक है

9 जुलाई तक भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग (IMD) ने साफ किया है कि  6 जुलाई से एक बार फिर वेस्टर्न डिस्टरबेंस मजबूत होकर सक्रिय होगा, जिसके चलते प्रदेश में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। इसे देखते हुए 6 और 7 जुलाई के लिए कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ऊना, हमीरपुर, चंबा और कुल्लू जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। 8 और 9 जुलाई को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

 

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राहत के बाद फिर बढ़ेगा खतरा

मौसम विभाग के अनुसार आज और कल प्रदेश में तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है, लेकिन 6 जुलाई से बारिश बढ़ने के साथ अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। ऐसे में अगले सप्ताह की शुरुआत फिर से भारी बारिश और मौसम की गतिविधियों के बीच होने वाली है।

 

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49 सड़कें अब भी बंद

बीते तीन दिनों की लगातार बारिश का असर अब भी प्रदेश में देखने को मिल रहा है। राज्यभर में 49 सड़कें बंद हैं, जबकि 3 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 23 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। संबंधित विभाग सड़क, बिजली और पेयजल सेवाओं को बहाल करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

तीन दिन में सामान्य से दोगुनी बारिश

1 से 3 जुलाई के बीच हिमाचल में सामान्य से 106 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में जहां सामान्य रूप से 15 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार 30.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक असर किन्नौर में देखने को मिला, जहां सामान्य से 423 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई।

 

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इसके अलावा कुल्लू में 195 प्रतिशत, बिलासपुर में 37 प्रतिशत, चंबा में 107 प्रतिशत, हमीरपुर में 45 प्रतिशत, कांगड़ा में 125 प्रतिशत, मंडी में 46 प्रतिशत, शिमला में 117 प्रतिशत, सिरमौर में 143 प्रतिशत, सोलन में 140 प्रतिशत और ऊना में 130 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। लाहौल-स्पीति प्रदेश का एकमात्र जिला रहा, जहां सामान्य से 30 प्रतिशत कम बारिश हुई।

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