शिमला। हिमाचल में पंचायती राज संस्थाओं के तीसरे और अंतिम चरण के चुनाव के लिए शनिवार सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। प्रदेश की 1,189 ग्राम पंचायतों में प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए मतदाता बढ़-चढ़कर मतदान कर रहे हैं। खराब मौसम और रुक-रुक कर हो रही बारिश भी मतदाताओं के उत्साह को कम नहीं कर पाई है। दोपहर 1 बजे तक प्रदेश में 63 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया जा चुका है।
लोकतंत्र के इस महापर्व में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। कई क्षेत्रों में लोग बारिश के बीच छाते और बरसाती लेकर मतदान केंद्रों तक पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
बारिश के बीच भी मतदान केंद्रों पर उमड़ी भीड़
प्रदेश के विभिन्न जिलों में सुबह से मौसम खराब बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद मतदान केंद्रों में मतदाताओं की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। गांवों में महिलाएं घरेलू कामकाज निपटाने के बाद बच्चों के साथ मतदान केंद्रों तक पहुंचीं, जबकि युवाओं ने भी लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए उत्साहपूर्वक मतदान किया। मतदान केंद्रों के बाहर लोगों का जोश साफ दिखाई दिया। कई स्थानों पर मतदाताओं को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद लोगों के चेहरे पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का उत्साह नजर आया।
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बुजुर्ग बने लोकतंत्र के असली नायक
इस चुनाव में बुजुर्ग मतदाताओं का उत्साह विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बिलासपुर जिले के विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत बलोह के खरोटा गांव के 101 वर्षीय जैंडा राम ने मतदान कर सभी को प्रेरित किया। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया और युवाओं को लोकतंत्र के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
जैंडा राम ने कहा कि मतदान केवल अधिकार ही नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य भी है। उन्होंने युवाओं से बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील की। इसी तरह शिमला जिले में 103 वर्षीय महिला मतदाता ने मतदान किया, जबकि चंबा जिले की ग्राम पंचायत सालवां में 100 वर्षीय गुलाबू देवी ने भी मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उनकी सक्रिय भागीदारी ने लोकतंत्र के प्रति अटूट विश्वास की मिसाल पेश की।
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पालकी में बैठाकर मतदान केंद्र पहुंचाया गया मतदाता
बिलासपुर जिले के झंडूता क्षेत्र की नघियार पंचायत में एक चलने-फिरने में असमर्थ मतदाता को ग्रामीण पालकी में उठाकर मतदान केंद्र तक लेकर पहुंचे। यह दृश्य लोकतंत्र के प्रति लोगों की आस्था और जागरूकता का प्रतीक बन गया। वहीं हमीरपुर जिले की ग्राम पंचायत चंगर में टांग में फ्रैक्चर होने के बावजूद 80 वर्षीय प्रेमी देवी मतदान करने के लिए बूथ पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि मतदान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और इसे किसी भी परिस्थिति में नहीं छोड़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री की माता ने भी किया मतदान
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की 88 वर्षीय माता संसारदेई ने ग्राम पंचायत अमलैहड़ के भवड़ां मतदान केंद्र में मतदान किया। यह केंद्र विशेष रूप से पिंक बूथ के रूप में स्थापित किया गया था, जहां मतदान प्रक्रिया का संचालन केवल महिला अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है।
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15 लाख से अधिक मतदाता कर रहे मताधिकार का प्रयोग
तीसरे चरण के चुनाव में 15 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। चुनाव पूरी तरह मतपत्रों के माध्यम से कराए जा रहे हैं और इनमें किसी भी राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न का उपयोग नहीं किया जा रहा है।
राज्य निर्वाचन विभाग के अनुसार मतदान शाम 3 बजे तक जारी रहेगा। इसके बाद प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के मतों की गणना शुरू होगी। पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव परिणाम 31 मई को घोषित किए जाएंगे।
पहले दो चरणों में भी रहा था शानदार मतदान
गौरतलब है कि 26 मई को हुए पहले चरण के चुनाव में 78.90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जबकि 28 मई को हुए दूसरे चरण में 79.88 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। अब तक प्रदेश में 10,854 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
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लोकतंत्र के पर्व में हिमाचल ने पेश की मिसाल
बारिश, ठंडी हवाएं और खराब मौसम भी हिमाचल के मतदाताओं के उत्साह को नहीं डिगा सके। बुजुर्गों के कदम, युवाओं का जोश और महिलाओं की भागीदारी यह साबित कर रही है कि लोकतंत्र के प्रति प्रदेश के लोगों का विश्वास आज भी उतना ही मजबूत है। मतदान केंद्रों पर उमड़ रही भीड़ और लंबी कतारें इस बात का प्रमाण हैं कि हिमाचल का मतदाता अपने अधिकार और जिम्मेदारी दोनों को भली-भांति समझता है।
