शिमला/मंडी। हिमाचल प्रदेश में मानसून से पहले ही मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। तेज बारिश, आसमानी बिजली और उफनते नालों के कारण प्रदेश के कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसी बीच मंडी जिले के सराज क्षेत्र से कुदरत के कहर की एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां आसमानी बिजली गिरने से एक भेड़पालक की 20 बकरियों की मौत हो गई। इस घटना से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

मलबे में दबे तीन वाहन

बीते शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद ढली क्षेत्र में हालात बिगड़ गए। भारी बहाव के साथ आए मलबे ने सड़क को पूरी तरह बंद कर दिया, वहीं तीन वाहन इसकी चपेट में आकर दब गए। कई घरों में बारिश का पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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आशियाना कॉलोनी में मलबे में दबे तीन वाहन

बारिश का सबसे ज्यादा असर ढली स्थित आशियाना कॉलोनी में देखने को मिला। यहां तेज बहाव के साथ नाले से भारी मात्रा में मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर आ गए। देखते ही देखते पूरी सड़क मलबे से भर गई और आवाजाही प्रभावित हो गई।

मलबे की चपेट में आए तीन वाहन 

इस दौरान सड़क किनारे खड़े तीन वाहन मलबे की चपेट में आ गए। मलबा इतना ज्यादा था कि वाहन पूरी तरह दब गए और उन्हें काफी नुकसान पहुंचा। बारिश रुकने के बाद स्थानीय लोगों ने खुद आगे बढ़कर मलबा हटाने का काम शुरू किया और वाहनों को निकालने की कोशिश की।

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मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। JCB मशीन की मदद से सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। देर शाम तक टीमों ने सड़क को बहाल करने के लिए काम जारी रखा।

कई घरों में घुसा पानी, लोगों का सामान खराब

भारी बारिश के चलते ढली क्षेत्र में कई लोगों के घरों में पानी घुस गया। घरों के अंदर पानी भरने से लोगों का फर्नीचर, सामान और अन्य जरूरी चीजें खराब हो गईं। लोगों ने बताया कि अचानक आई बारिश से उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।

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लोगों को करना पड़ा कई दिक्कतों का सामना 

इसके अलावा शिमला शहर की कई मुख्य सड़कों और पैदल रास्तों पर जलभराव हो गया। जगह-जगह पानी जमा होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। कई वाहन चालकों को भी खराब सड़कों और पानी भरे रास्तों के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बढ़ाई गांव में पेड़ गिरने से बिजली लाइन को नुकसान

भारी बारिश का असर शिमला से सटे ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला। बढ़ाई गांव में बारिश के चलते एक पेड़ गिर गया। गनीमत रही कि पेड़ किसी घर या व्यक्ति के ऊपर नहीं गिरा, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि पेड़ गिरने से बिजली की तारों को नुकसान पहुंचा है, जिससे क्षेत्र में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। विभाग की टीमों को भी मौके पर भेजा गया ताकि स्थिति को जल्द सामान्य किया जा सके।

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अचानक मौसम हुआ खराब

वहीं जिला मंडी के सराज विधानसभा क्षेत्र के सलोट गांव में भी कुदरत का कहर देखने को मिला है। तारा चंद रोज की तरह वीरवार को अपनी बकरियों को चराने के लिए जंगल ले गया था। शाम के समय अचानक मौसम खराब हो गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए बकरियों का झुंड इधर-उधर बिखर गया।

20 बकरीयों की हुई मौत 

बताया जा रहा है कि तारा चंद कुछ बकरियों के साथ पीछे रह गया, जबकि बाकी बकरियां आगे चली गईं। इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ आगे गई बकरियों पर आसमानी बिजली गिर गई। कुछ देर बाद जब तारा चंद बकरियों को ढूंढते हुए मौके पर पहुंचा तो वहां का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए।

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उसकी करीब 20 बकरियां मृत पड़ी थीं। इस घटना के बाद तारा चंद को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि बकरियां ही उसकी रोजी-रोटी का सहारा थीं। एक साथ इतनी बकरियों की मौत से उसके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

प्रशासन से  मुआवजा देने की मांग 

घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम पंचायत नलवागी के प्रधान अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित पशुपालक के प्रति संवेदना जताते हुए प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग की है कि तारा चंद को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उसे हुए नुकसान की भरपाई हो सके।