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June 26, 2026

हिमाचल: एक साथ उठी पति-पत्नी की अ.र्थियां, मंजर देख पूरा गांव रोया; पीछे छूट गए दो मासूम

पति-पत्नी की मौ*त से दो मासूम बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया

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Chamba Tragic Accident

चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला के भरमौर में हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। एक पल में ही एक परिवार की खुशियां उजड़ गईं और बुजुर्ग माता.पिता के बुढ़ापे का सहारा हमेशा के लिए छिन गया। जब एक ही घर से बेटे और बहू की अर्थियां एक साथ निकलीं तो उस मंजर को देखकर हर आंख नम हो गई। गांव में जहां तक नजर गई, वहां सिर्फ मातम और सिसकियां ही सुनाई दे रही थीं।

 

धरवाला उपतहसील के एक दुर्गम क्षेत्र में हुए इस हादसे में पति-पत्नी की जान चली गई। बताया जा रहा है कि दोनों किसी रिश्तेदार के घर जा रहे थे। रास्ते में अचानक पति का पैर फिसल गया और वह खाई में गिरने लगा। पति को गिरता देख पत्नी भी उसे बचाने का प्रयास करने लगी, लेकिन वह बचा नहीं पाई और खुद भी पति के साथ ही खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान ग्राम पंचायत दाडवी के उआ गांव निवासी 33 वर्षीय गोरख और उनकी 26 वर्षीय पत्नी सुषमा देवी के रूप में हुई है।

 

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एक झटके में उजड़ गया पूरा परिवार

इस हादसे ने केवल दो जिंदगियां ही नहीं छीनीं, बल्कि एक पूरे परिवार को गहरे संकट में धकेल दिया है। मृतक युवक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके कंधों पर बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी थी, जो अब बेसहारा हो गए हैं। सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि युवक के पिता पहले से गंभीर बीमारी के कारण दोनों टांगें गंवा चुके हैं। ऐसे में परिवार की सारी जिम्मेदारी बेटे पर ही थी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और एक हादसे ने परिवार की दुनिया उजाड़ दी।

 

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दो मासूमों के सिर से उठा मां-बाप का साया

हादसे में जान गंवाने वाले दंपति अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। एक बेटा और एक बेटी अब कभी अपने माता-पिता का प्यार नहीं पा सकेंगे। जिस उम्र में बच्चों को मां की ममता और पिता के स्नेह की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसी उम्र में वे अनाथ जैसे हालात का सामना करने को मजबूर हो गए हैं। अब इन मासूम बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य की जिम्मेदारी उनके बुजुर्ग दादा-दादी के कंधों पर आ गई है, जो पहले से ही शारीरिक और मानसिक परेशानियों से जूझ रहे हैं।

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एक साथ पति-पत्नी का अंतिम संस्कार

शुक्रवार को जब गांव में पति-पत्नी का अंतिम संस्कार किया गया तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। एक ही घर से निकली दो अर्थियों को देखकर लोगों का कलेजा भर आया। अंतिम यात्रा में शामिल हर व्यक्ति की आंखें नम थीं और हर कोई इस असमय हुई त्रासदी पर दुख व्यक्त कर रहा था। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने वर्षों में ऐसा दर्दनाक दृश्य नहीं देखा। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।

 

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पूरे क्षेत्र में पसरा मातम

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को जानकारी दी। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। हादसे के बाद से उआ गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है। हर कोई यही कह रहा है कि भगवान किसी परिवार को ऐसा दुख न दे। एक ही पल में बेटे-बहू को खो चुके बुजुर्ग माता-पिता और मां-बाप के साए से वंचित हुए दो मासूम बच्चों की दर्दभरी कहानी ने पूरे चंबा जिले को भावुक कर दिया है। यह हादसा लंबे समय तक लोगों के दिलों में एक टीस बनकर रहेगा।

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