#विविध
June 26, 2026
हिमाचल में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पर सस्पेंस! HRTC ने डिलीवरी लेने से किया इनकार; जानें कारण
कंपनी ने खराब सड़क को बताया वजह
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में चल रही इलेक्ट्रिक बस परियोजना को फिलहाल झटका लगा है। हिमाचल पथ परिवहन निगम यानी HRTC ने नई इलेक्ट्रिक बसों की डिलीवरी लेने से फिलहाल इनकार कर दिया है। निगम का कहना है कि बसें टेंडर की निर्धारित शर्तों पर पूरी तरह खरी नहीं उतर रही हैं, इसलिए उन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता।
दरअसल, HRTC ने हाल ही में विभिन्न रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का दोबारा परीक्षण करवाया। इनमें अधिकांश मार्गों पर बसों का प्रदर्शन संतोषजनक रहा, लेकिन एक महत्वपूर्ण रूट पर बस तय मानकों के अनुसार माइलेज देने में असफल रही। कंपनी का दावा था कि एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद बस लगभग 180 किलोमीटर तक चल सकेगी, लेकिन परीक्षण के दौरान यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया।
यह भी पढ़ें : मंत्री विक्रमादित्य के विजन ने बनाया नंबर वन, सड़कों की मजबूती में हिमाचल ने रचा इतिहास
पहले चरण में कई मार्गों पर परीक्षण के दौरान कुछ कमियां सामने आई थीं। इसके बाद निगम ने 15 रूटों पर दोबारा ट्रायल करवाया। इनमें से 14 रूटों पर बसों का प्रदर्शन बेहतर रहा, जबकि एक रूट पर बैटरी की क्षमता और तय दूरी को लेकर समस्या बनी रही। इसी कारण HRTC प्रबंधन ने बसों की डिलीवरी रोकने का निर्णय लिया।
बस निर्माता कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि संबंधित रूट की सड़क की स्थिति बेहद खराब है। ऊबड़-खाबड़ और कठिन मार्ग होने के कारण बस की बैटरी अपेक्षित दूरी तय नहीं कर पा रही है। कंपनी के अधिकारियों ने इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम से भी मुलाकात कर पूरी स्थिति से अवगत कराया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के खाली खजाने को भरेगा यह जल विद्युत प्रोजेक्ट, हर साल देगा ₹200 करोड़ की संजीवनी
हालांकि एचआरटीसी प्रबंधन इस तर्क से संतुष्ट नहीं है और उसने स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने का फैसला लिया है। निगम का स्पष्ट कहना है कि जब तक वाहन टेंडर की सभी तकनीकी शर्तों को पूरा नहीं करेंगे, तब तक उन्हें अपने बेड़े में शामिल नहीं किया जाएगा।
अब पूरे मामले में राज्य के लोक निर्माण विभाग की तकनीकी टीम संबंधित सड़क का निरीक्षण करेगी। HRTC के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने विभाग को पत्र लिखकर सड़क की वास्तविक स्थिति का तकनीकी आकलन करने का अनुरोध किया है। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
यह भी पढ़ें : सीएम सुक्खू ने पंजाब में बुलंद की आवाज: चंडीगढ़ में हिस्सेदारी- BBMB के बकाया भुगतान पर चर्चा
निर्माता कंपनी ने पहले 100 इलेक्ट्रिक बसें सोलन स्थित HRTC वर्कशॉप में भेज दी थीं। लेकिन डिलीवरी प्रक्रिया रुकने के बाद इन बसों को दोबारा परवाणू स्थानांतरित कर दिया गया है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही इन्हें निगम के संचालन में शामिल किया जाएगा।
HRTC ने वर्ष 2025 में ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड को कुल 297 इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति का लगभग 424.01 करोड़ रुपये का ठेका दिया था। कंपनी ने 11 महीने के भीतर पूरी आपूर्ति करने का वादा किया था। समझौते के अनुसार 9 जनवरी तक कम से कम 149 बसों की डिलीवरी दी जानी थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा पूरी नहीं हो सकी।