कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के दौरान कुल्लू जिले की सैंज घाटी से देवसंस्कृति और लोकतांत्रिक कर्तव्य की भागीदारी की एक बेहद अनूठी और मिसाल पेश करने वाली तस्वीर सामने आई है।

कुर्सी पर बैठना मना तो नीचे ही बैठे

घाटी की तलाड़ा पंचायत के वार्ड नंबर एक में स्थित कंढा मतदान केंद्र पर पोलिंग पार्टी ने आधुनिक सुख-सुविधाओं को छोड़कर जमीन पर बैठकर मतदान करवाया। दरअसल कंढा गांव के एक विशेष क्षेत्र में पुरानी देव मान्यताएं और परंपराएं लागू हैं जिसके अनुसार वहां कुर्सी पर बैठना और पलंग पर सोना पूरी तरह वर्जित है। ये क्षेत्र स्थानीय देवता गर्ग ऋषि के प्रभाव में आता है और ग्रामीणों में इस परंपरा के प्रति गहरी आस्था है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल: दोस्त को बचाया, खुद पानी के बहाव में बह गया- सच्ची दोस्ती की मिसाल बना निखिल

पोलिंग टीम ने नहीं किया कोई संकोच

जैसे ही मतदान करवाने पहुंची पोलिंग टीम को इस प्राचीन देव परंपरा का पता चला तो उन्होंने इसका सम्मान करने में जरा भी संकोच नहीं किया। पोलिंग पार्टी ने देव प्रथा का निर्वहन करने का फैसला लेते हुए बिना कुर्सी और टेबल के ही पूरे बूथ को फर्श पर सजा दिया।

पूरे समय फर्श पर बैठ निभाई ड्यूटी

इस मतदान दल में शामिल प्रिसाइडिंग ऑफिसर मनोज महाजन, पोलिंग ऑफिसर मनोज शर्मा, सोमदत्त, चरणजीत और सुरक्षा कर्मचारी भागादेई व ईश्वर दास ने प्राचीन मान्यताओं का पालन करते हुए पूरे समय फर्श पर बैठकर अपनी ड्यूटी निभाई। वे बिना किसी असुविधा की शिकायत किए मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी करते रहे।

यह भी पढ़ें- हिमाचल: 16 साल की लड़की को पिलाई थी शराब, फिर दो ने लूटी इज्जत- अब ये सजा मिली

एक तरफ जहां मतदान टीम ने स्थानीय संस्कृति और देव परंपरा को इतना बड़ा महत्व देकर सबका दिल जीत लिया, तो वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रवासियों ने भी इस सम्मान से गदगद होकर लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और भारी संख्या में मतदान किया।