कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बादल फटने के बाद हालात बेहद भयावह बने हुए हैं। शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी में गढ़गून और भंगार गांव लगभग पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जबकि स्पैड़ा गांव पर अब भी खतरा मंडरा रहा है।

मलबे में बदल गए पूरे गांव

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तीनों गांव खाली करवा दिए हैं। 38 परिवार बेघर हो गए हैं और करीब 160 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। बादल फटने के बाद आए सैलाब और भूस्खलन ने गढ़गून गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल दी।

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12 मकान मलबे में समा गए

गांव के 12 मकान मलबे में समा गए। सरकारी प्राथमिक स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, खेत, पेयजल योजनाएं, बिजली के खंभे और संपर्क मार्ग भी पूरी तरह तबाह हो गए। कई पशु भी इस आपदा की चपेट में आकर मारे गए। भंगार गांव में भी भारी नुकसान हुआ है। यहां तीन परिवारों के मकान पूरी तरह रहने योग्य नहीं बचे। घरों में रखा सामान, अनाज और जरूरी दस्तावेज मलबे के नीचे दब गए।

 

स्पैड़ा गांव पर अब भी खतरा

स्पैड़ा गांव में करीब 12 घर मलबे की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 11 अन्य मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। 27 परिवारों वाले इस गांव के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत शिविरों में भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है, लेकिन लोग अब भी पहाड़ी से दोबारा मलबा आने की आशंका के साए में जी रहे हैं।

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लाम गांव में भी बढ़ा खतरा

आपदा का असर केवल तीन गांवों तक सीमित नहीं है। पास के लाम गांव में भी जमीन धंसने लगी है। गांव के करीब 50 मकानों में दरारें आ गई हैं, जबकि छह मकान पूरी तरह असुरक्षित घोषित किए गए हैं। ग्रामीण रातभर जागकर पहाड़ी पर नजर रखने को मजबूर हैं।

 

DC पहुंचे पैदल, बोले- एक भी मकान सुरक्षित नहीं

DC कांगड़ा हेमराज बैरवा करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर गढ़गून गांव पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि गांव में एक भी मकान सुरक्षित नहीं बचा है। प्रशासन ने तीनों गांवों को खाली कराकर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है।

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हर परिवार को फौरी राहत

प्रशासन ने प्रत्येक प्रभावित परिवार को 50 हजार रुपये की तत्काल राहत देने की घोषणा की है। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हुए हैं, उन्हें एक लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी। इसके अलावा बेघर परिवारों को किराये के लिए प्रतिमाह पांच हजार रुपये भी दिए जाएंगे।

 

CM ने दिया पुनर्वास का भरोसा

CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीडियो कॉल के माध्यम से राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार सभी प्रभावितों का सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास करेगी और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। CM सुक्खू ने अधिकारियों को पुनर्वास प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए और कहा कि वह सप्ताहांत में स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।

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