शिमला। हिमाचल प्रदेश में आर्थिक हालात को सुधारने के लिए सुक्खू सरकार लगातार सख्त फैसले ले रही है। इसी कड़ी में अब सरकार ने बोतलबंद पेयजल पर नया कर लागू कर दिया है। इस फैसले के बाद आने वाले समय में बाजार में बिकने वाला बोतलबंद पानी महंगा हो सकता है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब सड़क मार्ग से ले जाए जाने वाले बोतलबंद पानी पर कर वसूला जाएगा। सरकार ने इसके लिए स्पष्ट दरें तय कर दी हैं, जिसके तहत हर दस लीटर बोतलबंद पानी के परिवहन पर 3 रुपए का कर लगेगा।

कर कानून में संशोधन के बाद लागू हुआ फैसला

सरकार ने इस नए प्रावधान को लागू करने के लिए वर्ष 1999 के कराधान कानून में संशोधन किया है। संशोधित प्रावधानों के तहत अब बोतलबंद पेयजल को भी कर के दायरे में शामिल कर लिया गया है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि परिवहन पर लगने वाले इस नए कर का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। कंपनियां इस अतिरिक्त लागत को कीमतों में जोड़ सकती हैं, जिससे बाजार में बोतलबंद पानी के दाम बढ़ने की संभावना है।

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राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने की कवायद

सरकार का कहना है कि यह कदम प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। बढ़ते खर्च और सीमित संसाधनों के बीच सरकार राजस्व बढ़ाने के नए स्रोत तलाश रही है, जिसके तहत इस तरह के निर्णय लिए जा रहे हैं। विभाग के अनुसार इस संशोधन का उद्देश्य कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। सरकार चाहती है कि सभी प्रकार के वाणिज्यिक परिवहन को एक स्पष्ट ढांचे में लाया जाए।

 

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सुक्खू सरकार का यह फैसला जहां एक ओर प्रदेश की आर्थिक सेहत सुधारने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों की जेब पर इसका असर पड़ सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि बाजार में बोतलबंद पानी की कीमतें किस हद तक बढ़ती हैं।

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