मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की बल्ह घाटी आज बुधवार सुबह एक आदमखोर तेंदुए के आतंक से जहां पूरा इलाका दहशत में था। मगर इस दौरान गांव के एक बुजुर्ग ने अपनी जान की परवाह किए बिना एक महिला की जान बचा ली। तेंदुए के हमले के बीच एक बुजुर्ग की सूझबूझ और साहस ने इंसानियत की मिसाल पेश की है।

68 वर्षीय डागू राम ने पेश की मिसाल

जानकारी के अनुसार, भडयाल गांव निवासी 68 वर्षीय डागू राम ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक महिला की जान बचाई। घायल महिला चंपा देवी को गंभीर अवस्था में नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है, जहां उसका उपचार जारी है।

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घटना सुबह करीब आठ बजे की है। चंपा देवी रोज की तरह घर के पास ही लकड़ियां लेने निकली थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उनकी गर्दन को जबड़े में दबोच लिया। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास दहशत फैल गई।

पूरी ताकत से तेंदुए के सिर पर किया वार

इसी समय डागू राम किसी रिश्तेदार के घर हुई मृत्यु के कारण वहां जा रहे थे। शोर सुनते ही वे मौके की ओर दौड़े। उन्होंने देखा कि तेंदुआ महिला की गर्दन पकड़े हुए है। डागू राम के हाथ में एक डंडा था।

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बिना एक पल गंवाए उन्होंने पूरी ताकत से तेंदुए के सिर पर वार किया और जोर-जोर से शोर मचाया। तेंदुआ पलटकर डागू राम पर भी झपटा, लेकिन बुजुर्ग ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने दोबारा डंडे से तेंदुए के मुंह पर प्रहार किया। शोर सुनकर गांव के अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए, जिससे तेंदुआ डरकर जंगल की ओर भाग गया।

तेंदुए ने एक की ली जान

बताया जा रहा है कि यही तेंदुआ इससे पहले मलवाणा और टिक्कर क्षेत्रों में भी हमला कर चुका था। मंडी जिले में तेंदुए के हमले में एक 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत की पुष्टि भी हुई है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। डागू राम ने बताया कि उस समय डर जरूर लगा, लेकिन दिमाग में सिर्फ यही था कि किसी भी हाल में महिला की जान बचानी है। उन्होंने कहा कि अगर थोड़ी भी देरी होती, तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे।

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