शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति का एक बेहद अनुशासित और लोकप्रिय चेहरा रहे रामपुर के विधायक नंदलाल का आज 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. शिमला के अटल सुपर स्पेशलिटीज़ आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. एक पहाड़ी लड़के से देश के प्रधानमंत्रियों का सबसे भरोसेमंद कमांडो बनने और फिर रामपुर विधानसभा सीट से लगातार 4 बार विधायक चुने जाने का उनका सफर बेहद खास रहा.
तो आइये जानते हैं पूर्व एसपीजी अधिकारी नंदलाल के जीवन के कुछ ऐसे अनसुने पहलू और राजा वीरभद्र सिंह के साथ उनके खास कनेक्शन की कहानी:-
राजा वीरभद्र सिंह के संकटमोचक और बेहद करीबी
रामपुर बुशहर की राजनीति में विधायक नंद लाल का नाम उन गिने-चुने नेताओं में शामिल रहा, जिन्हें पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह का सबसे खास और करीबी माना जाता था. वीरभद्र सिंह के गृह क्षेत्र रामपुर में नंद लाल ने कांग्रेस संगठन को न सिर्फ संभाला, बल्कि राजा साहब के सबसे मजबूत सिपहसालार बनकर उभरे. साल 2007 में सरकारी नौकरी से वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना) लेने के बाद वीरभद्र सिंह के सहयोग से ही उन्होंने पहली बार रामपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था. वीरभद्र सरकार के दौरान वह साल 2013 से 2017 तक मुख्य सचिव के अहम पद पर भी रहे.
यह भी पढ़ें : राजीव भवन से रामपुर तक निकलेगी MLA नंद लाल की अंतिम यात्रा, पूरा क्षेत्र देगा श्रद्धांजलि
पूर्व पीएम चंद्रशेखर और सोनिया गांधी के थे 'क्राइसिस मैनेजर'
नंद लाल जी के बारे में बहुत कम लोग जानते है कि जब वे 1985 से 1997 तक स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) में रहे, तो उनकी त्वरित निर्णय लेने की क्षमता लाजवाब थी. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के आलावा, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और सोनिया गांधी के सुरक्षा दस्ते में उन्हें सबसे चुस्त अधिकारी के रूप में देखा जाता था. उनके इसी समर्पण कि वजह से प्रधानमंत्रियों द्वारा उन्हें निजी तौर पर सराहना पत्र सौंपे गए थे.
सीधे दिल्ली हाईकमान से मिला था टिकट
करीब 22 वर्षों तक ITBP में सेवाएं देने के बाद नंद लाल ने वर्ष 2007 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में कदम रखा। गांधी परिवार की सुरक्षा से जुड़े उनके अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान के चलते कांग्रेस में उनकी एंट्री भी खास रही। रामपुर विधानसभा क्षेत्र से उनके चुनाव लड़ने का रास्ता दिल्ली हाईकमान के स्तर पर साफ हुआ और उन्हें कांग्रेस का टिकट मिला। इसके बाद उन्होंने चुनावी मैदान में उतरकर अपनी पहली ही पारी में जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी बृज लाल को 6,470 मतों से हराकर विधानसभा तक का सफर तय किया।
यह भी पढ़ें : सीएम सुक्खू ने 2024 में बगावत रोकने के लिए नंदलाल को सौंपी थी अहम जिम्मेदारी! दिया था बड़ा पद
जम्मू कश्मीर के सबसे अशांत दौर में संभाली थी कमान
राजनीति के मंच पर बेहद शांत और सरल दिखने वाले नंद लाल असल ज़िन्दगी में बेहद जांबाज अफसर थे. उन्होंने जम्मू- कश्मीर के सबसे चुनौतीपूर्ण और कठिन दौर में एक बार नहीं बल्कि दो बार आईटीबीपी बटालियन का नेतृत्व किया था. उनकी इसी बहादुरी के लिए भारत सरकार ने उन्हें साल 2001 और 2007 में 'राष्ट्रपति पुलिस पदक' जैसे सर्वोच्च सम्मान से नवाजा था.
"कमांडो स्पिरिट': जब आखिरी चुनाव में मात्र 567 वोटों से बची थी साख
साल 2007 में डीआईजी के पद से वीआरएस लेने के बाद जब वे रामपुर सीट से पहली बार उतरे, तो उन्होंने बीजेपी के प्रत्याशी को 6,470 मतों से हराया था. इसके बाद साल
- 2012 की बड़ी जीत:9,471 वोटों का अंतर
- 2017 की जीत:4,037 वोटों का अंतर
- 2022 का सबसे कड़ा मुकाबला : इस चुनाव में मुकाबला इतना कांटे का था कि जीत का अंतर सिमटकर सिर्फ 567 वोट रह गया था. किसी भी आम नेता के हौसले डगमगा जाते लेकिन नंद लाल ने अपनी कमांडो वाली स्पिरिट दिखाई और आखिरी राउंड तक लड़कर चौथी बार रामपुर विधानसभा का किला फ़तेह किया. उन्होंने भाजपा के कौल सिंह नेगी को मात्र 567 वोट से हराकर सीट जीती थी।
यह भी पढ़ें : राजीव भवन से रामपुर तक निकलेगी MLA नंद लाल की अंतिम यात्रा, पूरा क्षेत्र देगा श्रद्धांजलि
दिग्गज नेताओं और प्रतिपक्ष ने जताया गहरा शोक.......
रामपुर विधानसभा विधायक नंद लाल के निधन पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह समेत पार्टी के तमाम जाने-माने नेताओं ने गहरा दुख प्रकट किया है. वहीँ पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर जैसे दिग्गज नेताओं ने दुःख प्रकट किया है. सभी नेताओं का कहना है कि नंद लाल जी ने एक सैनिक के रूप में देश की और एक सच्चे जनप्रतिनिधि के रूप में रामपुर की जनता की जो सेवा की, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें
