चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बेहद खुशी और प्रेरणा देने वाली खबर सामने आई है। जिले में तैनात 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने अपनी तत्परता और कुशलता के चलते एक महिला की जान बचाई। उसकी डिलीवरी सुरक्षित तरीके से पूरी हुई। 

डॉक्टरों ने महिला को किया रेफर 

घटना चुराह के टटरोग गांव की रहने वाली एक महिला के साथ हुई। महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन तीसा अस्पताल लेकर गए। अस्पताल में उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर कर दिया।

 

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रास्ते में बढ़ी परेशानी

जब एंबुलेंस तीसा से लगभग आठ किलोमीटर दूर चिल्ली नामक स्थान पर पहुंची, तो महिला का दर्द असहनीय हो गया। स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस में तैनात EMT रमेश कुमार और पायलट गुलाम हुसैन ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को भांप लिया।

 

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समय की कमी और महिला की हालत को ध्यान में रखते हुए उन्होंने परिजनों की सहमति ली और फोन के जरिए डॉक्टरों से सलाह लेकर एंबुलेंस में ही प्रसव प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया।

कर्मचारियों की सूझबूझ और साहस

रमेश कुमार और गुलाम हुसैन ने पूरी सावधानी और अनुभव का इस्तेमाल करते हुए प्रसव को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उनका यह साहस और त्वरित निर्णय महिला और उसके बच्चे दोनों के जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। इस तरह, महिला ने एंबुलेंस में ही एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद दोनों को सुरक्षित रूप से तीसा अस्पताल वापस लाया गया और चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया।

 

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परिवार और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय लोग और परिवारजन एंबुलेंस कर्मचारियों की तत्परता और बहादुरी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सूझबूझ और समय पर निर्णय के बिना यह सुरक्षित प्रसव संभव नहीं हो पाता।

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