शिमला। सोशल मीडिया के इस दौर में इंसान बेशर्म सा हो गया है। क्योंकि वो अपने मजाक के चक्कर में किसी की भी भावनाओं की परवाह भी नहीं करता। ताजा मामला हिमाचल का है और अगर आप सोशल मीडिया चलाते हैं, तो आपने हिमाचल में हुए इस हालिया ब्याह की तस्वीर जरूर देखी होगी। लेकिन अगर आपने उस तस्वीर के कमेंट्स पढ़े होंगे- तो आपको पता चल ही गया होगा कि लोगों ने इसे मीम मटेरियल बना दिया है और कई सारे लोग ऐसे भी कमेंट्स कर रहे हैं। जिसे पढ़कर किसी भी सभ्य आदमी को शर्म आ जाए। 

 

हिमाचल की पर्वतारोही बेटी अंजली शर्मा ने अभी हाल में ही अफ्रीकन देश रवांडा के सिविल इंजीनियर यवेस काजियुका से साथ ब्याह रचाया है। मगर जब से इनके शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, लोग अंजली को उनकी पसंद और उनके पति के रंग के लिए लगातार ट्रोल कर रहे हैं। ऐसे में बीते कल सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए अंजली ने पहले तो अपने ट्रोलर्स को जवाब दिया। मगर आज रविवार सुबह को उनके हैंडल से आए एक पोस्ट में अंजली शर्मा निराश से दिखती हैं। 

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अंजलि ने दुखी होकर क्या लिखा..

अंजली अपनी पोस्ट में लिखती हैं कि ज़िंदगी के फ़ैसले। हर कोई ऐसे नहीं लेता। सोचो और समझो। तो मैं अपने किसी फ़ैसले को लेकर इतनी गलत कैसे हो सकती हूँ? लोग मुझे इतना गलत क्यों कह रहे हैं? इस पोस्ट में अंजली ने अपने पति के साथ एक तस्वीर भी शेयर की है। 

ट्रोलर्स से क्या बोलीं अंजली शर्मा..

वहीं, बीते कल किए गए अपने एक पोस्ट में अंजली लिखती हैं, लोग मेरे और मेरे पति के बारे में बहुत कुछ कह रहे हैं। लेकिन मुझे किसी की परवाह नहीं। अंजली ने आगे लिखा मैं अपने पति के साथ बहुत खुश हूँ, क्योंकि वह मुझे पूरा सम्मान और प्यार देते हैं। और मैं उन सभी लोगों से यह कहना चाहती हूँ- अगर आप किसी की ज़िंदगी के बारे में कुछ नहीं जानते, तो उस पर टिप्पणी करने का हक़ भी आपको नहीं है। 

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कौन हैं अंजली शर्मा ? 

अंजली शर्मा लंबे समय से पर्वतारोहण में हिमाचल का नाम रोशन कर रही हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने अफ्रीका की सबसे ऊँची चोटी माउंट किलिमंजारो (5895 मीटर) पर चढ़ते हुए हिमाचली गद्दी समुदाय की पारंपरिक ‘लुआंचड़ी’ पहनकर तिरंगा फहराया था। इस अनोखी उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने वैश्विक मान्यता दी।

दुनिया भर में हिमाचल का नाम किया रोशन

उनकी इस पहल ने दो संदेश दिए- एक साहस का और दूसरा अपनी संस्कृति को गर्व से विश्व मंच पर प्रदर्शित करने का। अंजली को इस उपलब्धि ने न केवल पर्वतारोहण समुदाय में, बल्कि हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई दी।

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कठिन चोटियों पर सफलता

अंजली शर्मा ने अपना पर्वतारोहण प्रशिक्षण मनाली स्थित अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण और संबद्ध खेल संस्थान से प्राप्त किया। उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण और तकनीकी चोटियों-जैसे हनुमान टिब्बा, देव टिब्बा और अन्य हिमालयी शिखरों को सफलतापूर्वक फतह किया है।

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