सिरमौर। एक हादसे ने पिता के पैरों की ताकत छीन ली, लेकिन उनके इरादों को कभी नहीं तोड़ सका। व्हीलचेयर पर बैठकर उन्होंने अपने पांच बच्चों की परवरिश की, उन्हें पढ़ाया और हर मुश्किल में उनका हौसला बने रहे। अब उसी संघर्ष की कहानी प्रदेशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
हादसे के बाद बदली जिंदगी
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की रहने वाली शीतल शर्मा ने CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात के बाद एक भावुक वीडियो जारी किया है- जिसमें उन्होंने अपने परिवार के संघर्ष और सरकार से मिली मदद का जिक्र किया है।
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लेकिन नहीं बदला जज्बा
गिरिपार क्षेत्र के टिटियाना गांव के रहने वाले ज्ञान शर्मा वर्ष 2013 में एक हादसे का शिकार हो गए थे। पेड़ से गिरने के कारण उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई और तब से उनका जीवन व्हीलचेयर तक सीमित हो गया। परिवार की आय प्रभावित हुई, लेकिन उन्होंने बच्चों की पढ़ाई को कभी रुकने नहीं दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने पांचों बच्चों को आगे बढ़ाने का संकल्प बनाए रखा।
मुश्किल हालात में भी बेटियों ने हासिल की सफलता
आर्थिक तंगी के बावजूद शीतल शर्मा और उनकी बड़ी बहन कविता शर्मा ने पढ़ाई जारी रखी। दोनों ने स्कूल शिक्षा में अच्छे अंक हासिल किए और बाद में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में दाखिला भी ले लिया। हालांकि उच्च शिक्षा का खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया। इसी उम्मीद के साथ दोनों बहनें 24 जुलाई को CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिलने पहुंचीं।
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मुख्यमंत्री ने तुरंत की आर्थिक मदद
शीतल के अनुसार, CM ने उनकी पूरी बात ध्यान से सुनी और बिना किसी देरी के दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर परिवार को हरसंभव सहयोग मिलेगा। CM से मुलाकात के बाद जारी वीडियो में शीतल ने कहा कि उनके लिए यह सहायता राशि सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उनके अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने का नया अवसर है।
"हमारे पापा ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं"
वीडियो में शीतल ने अपने पिता के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि व्हीलचेयर पर रहने के बावजूद उन्होंने कभी बच्चों के सामने अपनी मजबूरी को आड़े नहीं आने दिया। परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने हमेशा बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शीतल ने कहा कि CM से मिलने का साहस भी उन्हें अपने पिता से ही मिला।
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सुख आश्रय योजना का भी उठाया मुद्दा
शीतल ने बताया कि वह CM से सुख आश्रय योजना से जुड़ी समस्या भी साझा करने गई थीं। उनका कहना है कि पात्र होने के बावजूद उनके दस्तावेज स्वीकार नहीं किए गए थे और कई बार संपर्क करने के बाद भी समाधान नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने इस मामले को भी गंभीरता से सुना।
उठाएं योजना का लाभ
वीडियो के अंत में ज्ञान शर्मा ने CM का आभार व्यक्त करते हुए अपने परिवार के बच्चों को योजना का लाभ दिलाने की अपील की। वहीं शीतल ने अन्य जरूरतमंद परिवारों से भी सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाने का संदेश दिया।
