शिमला। हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लगातार सख्त कदम उठा रहे हैं। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच सरकार ने अब एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को नियुक्ति से पहले ड्रग टेस्ट से गुजरना होगा। दूसरी ओर सरकार ने हजारों पेंशनरों को भी बड़ी राहत देते हुए उनके लंबित एरियर के भुगतान के लिए 110 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी कर दी है। सरकार के इन दोनों फैसलों को प्रशासनिक सुधार और सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सरकारी नौकरी से पहले अनिवार्य होगा ड्रग टेस्ट

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब सरकारी सेवा में नियुक्ति पाने वाले प्रत्येक चयनित अभ्यर्थी का ड्रग टेस्ट कराया जाएगा। यह परीक्षण नियमित मेडिकल जांच का हिस्सा होगा और इसके बिना नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी।

 

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सरकार का मानना है कि प्रशासनिक तंत्र को नशे के प्रभाव से मुक्त रखना समय की आवश्यकता है। हाल के वर्षों में चिट्टे और अन्य नशीले पदार्थों की बढ़ती समस्या को देखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि सरकारी सेवाओं में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

नशा तस्करी में पकड़े कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उन सरकारी कर्मचारियों के मामलों की भी समीक्षा की जो नशा तस्करी या मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में संलिप्त पाए गए हैं। सरकार पहले ही पुलिस विभाग सहित विभिन्न विभागों के 37 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर चुकी है।

 

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इसके अलावा दर्जनों अन्य मामलों में भी कार्रवाई प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लंबित मामलों का जल्द निपटारा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि नशे के कारोबार या उससे जुड़े किसी भी व्यक्ति को सरकारी सेवा में संरक्षण नहीं दिया जाएगा।

युवाओं के लिए रोजगार का रास्ता भी होगा साफ

बैठक में विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को रिक्त पदों का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार सरकार जल्द ही आवश्यक पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है। ऐसे में लंबे समय से रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हजारों युवाओं के लिए आने वाले दिनों में अच्छी खबर मिल सकती है।

 

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पेंशनरों को बड़ी राहत, जारी किए 110 करोड़ रुपये

एक ओर सरकार नशे के खिलाफ कड़ा रुख अपना रही है तो दूसरी ओर पेंशनरों को राहत देने के लिए भी कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने क्लास-फोर पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनधारकों के लंबित संशोधित पेंशन एरियर के भुगतान के लिए 110 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। वित्त विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इससे प्रदेश के हजारों पेंशनरों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

सरकार का फोकस: नशा मुक्त हिमाचल और बेहतर प्रशासन

मुख्यमंत्री सुक्खू लगातार यह स्पष्ट कर रहे हैं कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल विकास कार्यों को गति देना ही नहीं बल्कि सामाजिक चुनौतियों से भी सख्ती से निपटना है। नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और सरकारी तंत्र को अधिक जवाबदेह बनाने के प्रयास इसी दिशा में उठाए गए कदम माने जा रहे हैं। सरकारी नौकरी से पहले ड्रग टेस्ट लागू करने का फैसला और पेंशनरों के लिए बड़ी वित्तीय राहत यह संकेत देती है कि सरकार प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता दे रही है।

 

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दो बड़े फैसलों से लाखों लोगों पर पड़ेगा असर

सरकार के इन फैसलों का असर सीधे तौर पर नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं, सरकारी कर्मचारियों और हजारों पेंशनरों पर पड़ेगा। जहां एक ओर नई भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से एरियर की प्रतीक्षा कर रहे पेंशनरों को राहत पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

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