ऊना। हिमाचल प्रदेश ने रविवार को अपना एक और वीर सपूत खो दिया। ऊना जिले के अंब उपमंडल के रहने वाले सीमा सुरक्षा बल के जवान दिनेश कुमार का उपचार के दौरान निधन हो गया। जवान की मौत की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। महज 39 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले दिनेश कुमार अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं। गांव में हर आंख नम दिखाई दी और अंतिम विदाई के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया।
छुट्टी पर घर आया था जवान
जानकारी के अनुसार दिनेश कुमार बीएसएफ में वर्ष 2007 बैच के सिपाही थे और कुछ दिन पहले ही छुट्टी लेकर अपने घर आए हुए थे। बताया जा रहा है कि 3 मई को घर में चाय बनाते समय अचानक गैस लीक हो गई, जिससे देखते ही देखते आग भड़क उठी। आग की चपेट में आने से जवान गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन तुरंत उन्हें उपचार के लिए ऊना अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें आगे पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च रेफर कर दिया।
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जिंदगी की जंग हार गया जवान
पीजीआई चंडीगढ़ में कई दिनों तक दिनेश कुमार का इलाज चलता रहा। परिवार और रिश्तेदार लगातार उनके स्वस्थ होने की दुआ कर रहे थे, लेकिन शनिवार देर रात उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जवान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पत्नी सुदेश कुमारी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
रविवार को दिवंगत जवान का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सीमा सुरक्षा बल की ओर से होशियारपुर स्थित सहायक प्रशिक्षण केंद्र खड़का से पहुंचे जवानों ने उन्हें सलामी देकर अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। हर किसी की आंखें नम थीं और लोग जवान की देश सेवा को याद कर रहे थे।
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क्षेत्र में शोक का माहौल
पूर्व विधायक बलवीर चौधरी सहित कई लोगों ने जवान के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि देश सेवा में समर्पित एक जवान का इस तरह असमय चले जाना बेहद पीड़ादायक है। दिनेश कुमार की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। लोग यही कह रहे हैं कि देश की रक्षा करने वाला एक वीर बेटा आज हमेशा के लिए चला गया, लेकिन उसकी सेवा और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा।
