कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में बरसात का मौसम अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन तबाही के संकेत पहले ही दिखाई देने लगे हैं। कुल्लू जिले में ब्यास नदी के किनारे हुए भारी भूस्खलन ने हालात की गंभीरता को उजागर कर दिया है। इस घटना के चलते आसपास की कई इमारतें खतरे की जद में आ गई हैं।
बरसात से पहले ही तबाही का अलार्म
हिमाचल में बीते पांच दिनों से जारी बारिश ने एक बार फिर मॉनसून जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। चंबा में पुल गिरने की घटना के बाद अब कुल्लू जिले में भी खतरे की घंटी बज गई है। ब्यास नदी के किनारे बंदरोल क्षेत्र में हुए भूस्खलन ने स्थानीय लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
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ब्यास के पास भारी भूस्खलन
जानकारी के मुताबिक, कुल्लू से करीब 10 किलोमीटर आगे मनाली की ओर बंदरोल में अचानक जमीन खिसकने लगी। ब्यास नदी के किनारे से ऊपर की तरफ मिट्टी धंसने लगी, जिससे पास स्थित एक होटल परिसर का हिस्सा भी इसकी चपेट में आ गया।
भूस्खलन से मंडराया खतरा
करोड़ों रुपये की लागत से बने इस होटल पर अब सीधा खतरा मंडरा रहा है। यही नहीं, होटल के नीचे मौजूद एक भवन का कुछ हिस्सा भी खिसककर नीचे चला गया है। भूस्खलन से स्थानीय लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
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खाली कर देना चाहिए भवन
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें स्थानीय लोग साफ तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं कि हालात को देखते हुए इन भवनों को तुरंत खाली कर देना चाहिए। लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी ढलानों को कमजोर कर दिया है, जिससे इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
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हाईवे भी सुरक्षित नहीं
इससे पहले मंगलवार को मनाली के अलेऊ क्षेत्र में लेफ्ट बैंक की ओर नग्गर से कुल्लू-मनाली को जोड़ने वाले मार्ग का एक हिस्सा बैठ गया था। वहीं बुधवार को मंडी जिले में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर जागर नाला के पास बना डंगा फिर से ढह गया। यह वही डंगा है जिसे पहले नुकसान के बाद दोबारा तैयार किया गया था, लेकिन लगातार बारिश का दबाव झेल नहीं पाया।
कई जगहों पर दरारें और नुकसान
डंगे के गिरने से करीब 30 मीटर सड़क को भारी नुकसान पहुंचा है। यदि इसका शेष हिस्सा भी ध्वस्त होता है तो आसपास के आधा दर्जन घर खतरे की जद में आ सकते हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
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अटल टनल के पास बर्फबारी
गुरुवार को मौसम जरूर साफ हुआ और धूप निकली, लेकिन मनाली के पास अटल टनल के आसपास हल्की बर्फबारी के कारण सड़क पर फिसलन बनी हुई है। लगातार बारिश के चलते प्रदेश में सर्दी का एहसास दिसंबर-जनवरी जैसा हो गया है।
ठंड ने बढ़ाई परेशानी
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले पांच दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, हालिया घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि पहाड़ी इलाकों में जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
