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April 6, 2026
हिमाचल: राम मंदिर में मुस्लिम युवक की आएगी बारात, हिंदू संघर्ष समिति ने किया विरोध, दी चेतावनी
हिंदू संघर्ष समिति ने जताया विरोध, प्रदर्शन के साथ मुंडन की दी चेतावनी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में धार्मिक संवेदनाओं से जुड़ा एक नया विवाद सामने आ गया है। अभी संजौली मस्जिद मामला पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब राम मंदिर हॉल में प्रस्तावित एक निकाह को लेकर माहौल गरमा गया है। इस घटनाक्रम ने शहर में फिर से बहस और तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।
जानकारी के अनुसार 11 अप्रैल को शिमला के राम मंदिर हॉल में एक मुस्लिम परिवार की बेटी का निकाह प्रस्तावित है। जैसे ही यह बात सामने आई, हिंदू संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना है कि मंदिर परिसर से जुड़ी संपत्ति में इस तरह का आयोजन उचित नहीं है।
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हिंदू संघर्ष समिति ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदर्शन की चेतावनी दी है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि निकाह कार्यक्रम को रद्द नहीं किया गया, तो सड़कों पर उतरकर विरोध किया जाएगा। उन्होंने इसे धार्मिक आस्थाओं से जुड़ा मामला बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
वहीं, राम मंदिर हॉल का संचालन करने वाली सूद सभा ने इस मामले में अलग रुख अपनाया है। सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि हॉल का उपयोग किसी भी समुदाय के सामाजिक कार्यक्रमों के लिए किया जा सकता है। उनका तर्क है कि पहले भी यहां विभिन्न समुदायों के कार्यक्रम हो चुके हैं और यह कोई नई बात नहीं है।
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सूद सभा का कहना है कि देश का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और धर्म के आधार पर किसी को रोका नहीं जा सकता। साथ ही, हॉल में पहले से ही कुछ नियम लागू हैं, जैसे मांस, मदिरा और अन्य प्रतिबंधित चीजों पर रोक, जिनका सभी को पालन करना होता है।
बढ़ते विवाद के बीच सूद सभा ने इस मुद्दे पर विचार करने के लिए बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में आगे की रणनीति और अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
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संजौली मस्जिद विवाद के बाद यह दूसरा मामला है जिसने शिमला में धार्मिक मुद्दों को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित पक्ष इस मामले को कैसे संभालते हैं और क्या यह विवाद शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ पाता है या नहीं।