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April 6, 2026
हिमाचल की पंचायत को मोदी सरकार का इनाम : मिलने जा रहा 1 करोड़, काम देख हो जाएंगे हैरान
दुनियाभर में चमकी हिमाचल की पंचायत- मोदी सरकार दे रही बड़ा इनाम
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ग्रामीण क्षेत्र से स्वच्छ ऊर्जा को लेकर एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। जिले की मेहली ग्राम पंचायत को केंद्र सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
दरअसल, पंचायत को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत “मॉडल सोलर विलेज” के रूप में विकसित किया जाएगा। ये पैसा गांव में सौर ऊर्जा ढांचे को और मजबूत करने में इस्तेमाल होगा।
जिला प्रशासन की ओर से आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में यह अहम फैसला लिया गया। जानकारी के अनुसार, पहले चरण में जिले के 10 गांवों को इस योजना के लिए चुना गया था। मगर तय समयसीमा 28 फरवरी 2026 तक सभी जरूरी औपचारिकताएं सिर्फ मेहली पंचायत ही पूरी कर पाई। इसी सक्रियता और तत्परता के आधार पर इसे मॉडल सोलर विलेज का दर्जा दिया गया।
मॉडल सोलर विलेज बनने पर मिलने वाली 1 करोड़ रुपये की राशि गांव में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को विस्तार देने, नई तकनीकों को अपनाने और अधिक से अधिक घरों को सोलर सिस्टम से जोड़ने में खर्च की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है- ताकि बिजली के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम हो सके।
अगर पूरे शिमला जिले की बात करें तो इस योजना के प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। अब तक 657 लोगों ने आवेदन किया है, जिनमें से 231 घरों में सोलर पैनल सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं। इससे करीब 803 किलोवाट की सौर ऊर्जा क्षमता तैयार हुई है। खास बात यह है कि 204 लाभार्थियों को सरकारी सब्सिडी भी मिल चुकी है, जिससे लोगों का भरोसा और बढ़ा है।
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उपायुक्त अनुपम कश्यप ने स्पष्ट किया कि इस योजना की सफलता केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनसहभागिता से ही संभव है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को सौर ऊर्जा के फायदे समझाएं और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ें। इसके साथ ही पंचायतों को भी प्रोत्साहित करने के लिए हर सोलर इंस्टॉलेशन पर 1,000 रुपये की राशि दी जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा और सहभागिता दोनों बढ़ें।
यह योजना केंद्र सरकार द्वारा फरवरी 2024 में शुरू की गई थी, जिसका मकसद आम लोगों को अपनी बिजली खुद बनाने के लिए सक्षम बनाना है। इसके तहत-
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना, उसके पास उपयुक्त छत होना और वैध बिजली कनेक्शन होना जरूरी है। राज्य में इसे HIMURJA और बिजली विभाग के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
सौर ऊर्जा अपनाना क्यों खास है। इससे-
मेहली ग्राम पंचायत का मॉडल सोलर विलेज के रूप में चयन सिर्फ एक गांव की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए प्रेरणा है। यह पहल दिखाती है कि अगर पंचायत स्तर पर इच्छाशक्ति और जागरूकता हो, तो गांव भी आधुनिक तकनीक के जरिए आत्मनिर्भर बन सकते हैं।