सिरमौर। उत्तर भारत की प्रसिद्ध धार्मिक नगरी माता बालासुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में आयोजित 15 दिवसीय चैत्र नवरात्र मेला गुरुवार को संपन्न हो गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण “जय माता दी” के जयकारों से गूंजता रहा।
बाला सुंदरी मंदिर में उमड़ी आस्था
इस वर्ष मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दर पर माथा टेका। नवरात्र के पूरे पखवाड़े के दौरान मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार ने VIP मेहमानों की खातिरदारी पर उड़ाए करोड़ों- विधानसभा में हुआ खुलासा
5 लाख से ज्यादा भक्तों ने टेका माथा
सुबह मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती थीं, जो देर रात तक जारी रहती थीं। अंतिम दिन भी आस्था का वही उत्साह देखने को मिला, जब करीब 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए।
दिल खोलकर किया दान
आस्था के इस महासागर में भक्तों ने दिल खोलकर दान भी किया। 15 दिनों में श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में कुल 3 करोड़ 1 लाख 32 हजार 94 रुपये की नकदी अर्पित की। इसके साथ ही 129.350 ग्राम सोना और 31.970 किलोग्राम चांदी भी भेंट स्वरूप चढ़ाई गई। केवल अंतिम दिन ही 15 लाख 90 हजार 960 रुपये की नकदी श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई, जो भक्तों की अटूट श्रद्धा को दर्शाता है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में आज से अगले 6 दिन तक होगी भारी बारिश, 10 जिलों में तेज तूफान-ओलावृष्टि का अलर्ट
कंजक पूजन भी किया
मेले के समापन अवसर पर उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, SDM नाहन राजीव सांख्यान सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मंदिर पहुंचे। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की। इस दौरान कंजक पूजन का आयोजन भी किया गया, जिसमें छोटी बच्चियों को देवी स्वरूप मानकर उनकी पूजा की गई।
हजारों देसी घी के दीप
जिला प्रशासन और मंदिर न्यास ने मेले को सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए कई विशेष आयोजन भी किए। तीन दिनों तक शिव मंदिर के तालाब में हजारों देसी घी के दीप जलाकर एक अद्भुत आध्यात्मिक दृश्य प्रस्तुत किया गया। वहीं, अंतिम दिन महिला और पुरुष वर्ग की कुश्ती प्रतियोगिताओं ने मेले में उत्साह का रंग भर दिया।
यह भी पढ़ें : दलबदलुओं पर चला सुक्खू सरकार का चाबुक, अयोग्य MLA की बंद होगी पेंशन; विधेयक पारित
शांतिपूर्ण रहा पूरा मेला
सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। पूरे मेला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस, होमगार्ड और निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। CCTV निगरानी और ट्रैफिक नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए गए, जिससे मेले का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
जिला दंडाधिकारी प्रियंका वर्मा ने मेले के सफल आयोजन पर संतोष जताते हुए देशभर से आए श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के सहयोग से ही यह विशाल आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो पाया। वहीं एसडीएम राजीव सांख्यान ने भी सभी विभागों, व्यापारियों, स्थानीय निवासियों और सुरक्षा कर्मियों की सराहना की।
