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April 3, 2026

सुक्खू सरकार ने VIP मेहमानों की खातिरदारी पर उड़ाए करोड़ों- विधानसभा में हुआ खुलासा

VIP मेहमानों की खातिरदारी पर बड़ा खर्च

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने अपने मेहमानों की आवभगत में कोई कसर नहीं छोड़ी। राज्य में आने वाले विशेष अतिथियों के लिए रहने, खाने-पीने से लेकर आवाजाही तक की पूरी व्यवस्था सरकारी स्तर पर की गई। बीते तीन वर्षों में यह मेहमाननवाज़ी अब आंकड़ों में सामने आई है, जो बताती है कि सरकार ने अतिथि सत्कार को प्राथमिकता में रखा।

तीन साल में सैकड़ों को मिला स्टेट गेस्ट का दर्जा

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक 1 जनवरी 2023 से 31 जनवरी 2026 तक कुल 426 लोगों को “स्टेट गेस्ट” यानी राज्य अतिथि का दर्जा दिया गया। इनमें विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग, प्रतिनिधि और विशेष परिस्थितियों में आए मेहमान शामिल रहे।

 

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अगर सालवार आंकड़ों पर नजर डालें तो 2023 में 143, 2024 में 127, 2025 में 149 और जनवरी 2026 में 7 लोगों को यह सुविधा दी गई। इससे साफ है कि हर साल बड़ी संख्या में अतिथियों को राज्य की ओर से विशेष दर्जा दिया जाता रहा।

रहने-खाने से लेकर सफर तक पर करोड़ों खर्च

इन अतिथियों के स्वागत-सत्कार पर सरकार ने कुल मिलाकर करीब 6.50 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा करीब 4.86 करोड़ रुपये का रहा, जो रहने और भोजन व्यवस्था पर खर्च हुआ। वहीं, परिवहन सुविधाओं जैसे वाहन और अन्य व्यवस्थाओं पर लगभग 1.65 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

 

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नियमों के तहत मिलता है विशेष दर्जा

सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी को भी स्टेट गेस्ट घोषित करने का प्रावधान “राज्य अतिथि नियम-1990” के तहत किया जाता है। इसके तहत उच्च पदों पर बैठे अधिकारी, जनप्रतिनिधि और विशेष परिस्थितियों में आने वाले प्रतिनिधिमंडल को यह सुविधा दी जाती है।

 

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हालांकि, करोड़ों के इस खर्च के बीच यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या इतनी बड़ी राशि का उपयोग और भी जनहित के कार्यों में किया जा सकता था, या फिर यह खर्च राज्य की छवि और मेहमाननवाज़ी के लिहाज से जरूरी था।

 

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