देहरा (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के छात्रों के लिए शिक्षा के क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से निर्माण और फंड से जुड़े विवादों के बीच तैयार हो रहे हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के देहरा स्थित स्थायी परिसर के लोकार्पण की तस्वीर अब साफ होती दिखाई दे रही है।

हमीरपुर सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि दिवाली से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरा पहुंचकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर का लोकार्पण कर सकते हैं। प्रधानमंत्री के हाथों इस परिसर का उद्घाटन होने की बात सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के बचे हुए काम को जल्द पूरा करने की उम्मीद भी बढ़ गई है।

देहरा से पूरे हिमाचल को मिलेगी शिक्षा की बड़ी सौगात

अनुराग ठाकुर ने कहा कि देहरा में तैयार हो रहा केंद्रीय विश्वविद्यालय सिर्फ कांगड़ा जिले या देहरा क्षेत्र तक सीमित उपलब्धि नहीं है। इसका लाभ प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा। स्थायी परिसर शुरू होने के बाद छात्रों को आधुनिक शैक्षणिक ढांचे और बेहतर सुविधाओं के साथ उच्च शिक्षा का नया विकल्प मिलेगा। केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थायी कैंपस के पूरी तरह सक्रिय होने से देहरा की पहचान भी एक बड़े शिक्षा केंद्र के रूप में मजबूत होने की उम्मीद है।

 

यह भी पढ़ें : कमलेश ठाकुर के देहरा में सियासी संग्राम: भाजपा की रैली में कांग्रेस ने की नारेबाजी दिखाए; काले झंडे

दिवाली से पहले पीएम मोदी के हाथों उद्घाटन की बात

हरिपुर में एक कार्यक्रम के बाद अनुराग ठाकुर ने विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर के लोकार्पण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि दिवाली से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों देहरा परिसर का लोकार्पण कराया जाएगा। पीएम मोदी के दौरे और लोकार्पण की यह संभावना लंबे समय से परिसर के शुरू होने का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों, शिक्षकों और क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

90 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा

देहरा परिसर का निर्माण काफी आगे बढ़ चुका है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्थायी परिसर का 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। हालांकि, परियोजना के अंतिम चरण में फंड की उपलब्धता को लेकर अड़चन सामने आई और निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। सितंबर की शुरुआत में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग यानी सीपीडब्ल्यूडी की ओर से निर्माण एजेंसी को फंड उपलब्ध नहीं होने के कारण अगले आदेश तक काम रोकने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई थी। इससे परिसर के बाकी काम को लेकर सवाल खड़े हुए थे।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: ट्रेन की चपेट में आया परिवार का कमाऊ बेटा, मौके पर ही थम गईं सांसें; 38 साल थी उम्र

करीब 80 करोड़ रुपये की राशि बताई जा रही लंबित

परियोजना के शेष कार्यों के लिए करीब 80 करोड़ रुपये की राशि लंबित होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि नवंबर 2025 के बाद परियोजना के बचे हुए कार्यों के लिए अपेक्षित राशि उपलब्ध नहीं हुई थी। अब अनुराग ठाकुर के बयान के बाद निगाहें इस बात पर टिक गई हैं कि शेष निर्माण कार्य के लिए जरूरी धनराशि कब जारी होती है और परिसर को लोकार्पण के लिए पूरी तरह तैयार करने की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।

निर्माण में देरी के कारणों पर भी हुई बातचीत

विश्वविद्यालय का काम रुकने के कारणों को लेकर पूछे गए सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति और केंद्रीय मंत्री से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि निर्माण से जुड़ा जो भी शेष काम है, उसे जल्द पूरा करने के लिए आवश्यक स्तर पर बातचीत की जा रही है। ऐसे में अब विश्वविद्यालय के बचे हुए निर्माण कार्य को पूरा करना सबसे महत्वपूर्ण कदम होगा, ताकि प्रस्तावित लोकार्पण की समयसीमा के अनुरूप परिसर तैयार किया जा सके।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल के इन जिलों में कल छुट्टी की घोषणा: स्कूल-कॉलेजों के साथ यहां सरकारी दफ्तर भी रहेंगे बंद

वर्ष 2023 में शुरू हुआ था निर्माण

देहरा स्थित स्थायी परिसर का निर्माण वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। परियोजना को निर्धारित अवधि में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। निर्माण कार्य आगे बढ़ने के साथ परिसर का बड़ा हिस्सा तैयार हो गया, लेकिन अंतिम चरण में फंड से जुड़ी अड़चन ने परियोजना की रफ्तार को प्रभावित किया। अब प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पण की बात सामने आने के बाद निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों पर शेष कार्य समय पर पूरा करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है।

 

यह भी पढ़ें : गजब...सरकारी बैंक कर्मी हिमाचली युवकों को करता था चिट्टा सप्लाई, पुलिस ने पंजाब से धरे दो मुख्य सप्लायर

अभी तीन स्थानों से चल रहा विश्वविद्यालय

फिलहाल हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की गतिविधियां देहरा, शाहपुर और धर्मशाला स्थित परिसरों से संचालित हो रही हैं। स्थायी परिसर के पूरी तरह शुरू होने के बाद विश्वविद्यालय की गतिविधियों को एक बड़े और समेकित कैंपस में लाने की दिशा में अहम कदम उठेगा। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ एक स्थायी संस्थागत ढांचा उपलब्ध होने की उम्मीद है।

लंबे इंतजार के बाद अब अंतिम पड़ाव पर परियोजना

देहरा केंद्रीय विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांग और चर्चा का विषय रहा है। निर्माण का बड़ा हिस्सा पूरा होने के बावजूद फंड से जुड़ी रुकावट के कारण परियोजना के अंतिम चरण में देरी हुई। अब दिवाली से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित लोकार्पण की घोषणा ने इस परियोजना को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें