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September 16, 2026
हिमाचल: एंटी-चिट्टा वॉकथॉन के बीच मची अफरा-तफरी, 14 छात्राएं और 2 अध्यापिकाएं बेसुध होकर गिरीं
सीएम सुक्खू ने अस्पताल पहुंच जाना हाल, नर्सों ने उठाया स्टाफ का मुद्दा
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ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना में बुधवार को नशे के खिलाफ निकली एंटी-चिट्टा वॉकथॉन के दौरान अचानक ऐसा घटनाक्रम हुआ कि कुछ देर के लिए माहौल बदल गया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अगुवाई में आयोजित इस बड़े जन-जागरूकता कार्यक्रम में हजारों विद्यार्थी और युवा शामिल हुए थे। वॉकथॉन के दौरान तेज धूप और उमस के बीच 14 छात्राओं और दो अध्यापिकाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। एक के बाद एक प्रतिभागियों के बेसुध होकर गिरने की सूचना से मौके पर हड़कंप मच गया। सभी को तत्काल उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचाया गया।
ऊना के इंदिरा गांधी खेल मैदान से एंटी-चिट्टा वॉकथॉन का आयोजन किया गया था। इसमें स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों समेत बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर वॉकथॉन में हिस्सा लिया। इसी दौरान गर्मी और उमस का असर कुछ छात्राओं और अध्यापिकाओं पर पड़ा। अचानक तबीयत खराब होने से उन्हें मौके से अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
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प्रत्यक्ष घटनाक्रम के अनुसार वॉकथॉन के दौरान एक के बाद एक छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। 14 छात्राएं और दो अध्यापिकाएं बेसुध होकर गिर गईं, जिसके बाद उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई गई। अचानक एक साथ बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया। इमरजेंसी में मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण अतिरिक्त स्थानों पर भी उपचार की व्यवस्था करनी पड़ी।
एक साथ 16 मरीजों के पहुंचने से क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। इमरजेंसी वार्ड में जगह कम पड़ने पर पीछे स्थित इमरजेंसी रूम और नए वार्ड में भी छात्राओं को शिफ्ट किया गया। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल उपचार शुरू किया। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संजय मनकोटिया ने स्वयं मौके पर व्यवस्थाओं की निगरानी की और स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ मरीजों के उपचार की कमान संभाली।
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छात्राओं और अध्यापिकाओं की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अस्पताल पहुंचे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने उपचाराधीन छात्राओं से मुलाकात कर उनका हाल जाना और चिकित्सकों से उनकी स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान अस्पताल में चल रही चिकित्सा व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
मुख्यमंत्री के अस्पताल पहुंचने के दौरान वहां तैनात स्टाफ नर्सों ने अस्पताल में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया। नर्सों ने बताया कि सीमित स्टाफ के बीच अचानक बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने पर अतिरिक्त दबाव बन जाता है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य अधिकारियों से अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था और स्टाफ से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने इस समस्या पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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मुख्यमंत्री ने सीएमओ डॉ. एसके वर्मा और एमएस डॉ. मनकोटिया से अस्पताल की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों से छात्राओं की स्वास्थ्य स्थिति और उपचार संबंधी व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी ली गई। फिलहाल उपचाराधीन छात्राओं और अध्यापिकाओं की हालत स्थिर बताई जा रही है।
ऊना सदर से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती भी छात्राओं के बीमार होने की सूचना मिलने के बाद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने इमरजेंसी में जाकर उपचाराधीन बच्चों का हाल जाना। बाद में सत्ती ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान जरूरी है, लेकिन कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान मौसम और बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
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ऊना में आयोजित एंटी-चिट्टा वॉकथॉन का उद्देश्य युवाओं और समाज को नशे के खिलाफ जागरूक करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और युवाओं की भागीदारी रही। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम के लिए स्वास्थ्य सेवाओं, पानी, शौचालय और अन्य व्यवस्थाएं पहले से रखने की जानकारी दी गई थी। वॉकथॉन के दौरान युवाओं ने नशे से दूर रहने और इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से चिट्टे के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।