ऊना। हिमाचल प्रदेश के होनहार युवा देश-विदेश में सूबे का नाम रोशन करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। सूबे के कई होनहार युवा निजी व सरकारी क्षेत्रों में ऊंचे पदों पर भी विराजमान हैं। इसी कड़ी में अब हिमाचल के ऊना जिले के एक और बेटे ने हिमाचल का नाम दुनियाभर में रोशन कर दिया है।

अमोल ने रोशन किया हिमाचल का नाम

ऊना जिला की दुर्गा कॉलोनी में रहने वाले अमोल गर्ग दुनिया के सबसे तेज फाइटर जेट राफेल को उड़ाएंगे। यह ना केवल सिर्फ ऊना बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
गणतंत्र दिवस की परेड में उड़ाएंगे राफेल

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भारतीय वायुसेना के इस होनहार पायलट को 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड में राफेल फाइटर जेट उड़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राफेल, जो भारतीय वायुसेना की शक्ति का प्रतीक है, अमोल के हाथों कर्तव्य पथ पर अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगा।

आसमान तक का सफर

अमोल गर्ग ऊना जिला की दुर्गा कॉलोनी में रहते हैं। उनके पिता जगदीप शर्मा एक पूर्व नौसेना अधिकारी हैं और वर्तमान में ONGC में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी माता स्नेहा शर्मा, एक गृहिणी हैं। अमोल का छोटा भाई टाटा मेमोरियल अस्पताल में MD की पढ़ाई कर रहा है। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले अमोल ने अपनी मेहनत और लगन से असाधारण ऊंचाइयों को छुआ है।

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कहां से की है पढ़ाई?

अमोल ने  DAV सेंटेनरी पब्लिक स्कूल, ऊना से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने NIT हमीरपुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की। हालांकि, देश की सेवा करने के अपने सपने को साकार करने के लिए उन्होंने इंजीनियरिंग छोड़कर पुणे स्थित नेशनल डिफेंस अकेडमी (NDA) में दाखिला लिया।

NDA में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान

अमोल ने NDA की परीक्षा में पूरे देश में तीसरा स्थान हासिल किया। यही नहीं, वायुसेना में प्रशिक्षण के दौरान भी वह पहले रैंक के कैडेट बने। उनकी यह उपलब्धि ना केवल उनकी लगन का प्रमाण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अगर सपनों को पाने की इच्छा प्रबल हो- तो कोई भी बाधा रास्ते में नहीं आ सकती।

 

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हासिल की है महारत

वर्तमान में अमोल गर्ग भारतीय वायुसेना के अंबाला बेस पर तैनात हैं। यह वही बेस है जहां से राफेल जेट ऑपरेट होते हैं। यहां तैनाती के दौरान उन्होंने वायुसेना की उन्नत तकनीकों और रणनीतियों में महारत हासिल की है। अमोल की कुशलता और समर्पण ने उन्हें राफेल उड़ाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए चुना गया।

गणतंत्र दिवस परेड में अनोखा अवसर

26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर अमोल गर्ग राफेल को उड़ाकर अपने परिवार, ऊना, और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। यह केवल उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण होगा। इस प्रदर्शन के जरिए वे भारतीय वायुसेना की ताकत और तकनीकी कौशल को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगे।

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युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत

अमोल गर्ग की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखते हैं। उनका समर्पण और मेहनत दिखाता है कि अगर लक्ष्य तय हो और उसके लिए पूरी लगन से प्रयास किया जाए, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रह सकता। उनका यह सफर न केवल उनकी खुद की मेहनत और साहस की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि छोटे शहरों से आने वाले युवा भी बड़े मंच पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

 

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने 26 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली 76वीं गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के लिए हिमाचल प्रदेश के 48 व्यक्तियों को आमंत्रित किया है। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त की हैं। साथ ही वे भी जिन्हें सरकारी योजनाओं का प्रभावी और अनुकरणीय तरीके से लाभ उठाने का अवसर मिला है। इस चयन में BRO, प्रधानमंत्री यशस्वी योजना और वाइब्रेंट विलेज योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण हस्तियां शामिल हैं-जो राज्य और देश के विकास में सक्रिय योगदान दे रही हैं। गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले लोग अपने साथ अपने एक परिजन को भी ला सकते हैं।

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