चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित पवित्र मणिमहेश यात्रा इस बार कुछ नए नियमों के साथ शुरू होने जा रही है। 15 अगस्त से 31 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा में शामिल होने वाले हर श्रद्धालु को इस बार एंट्री कम सेनिटेशन शुल्क देना होगा। यह पहला मौका है जब मणिमहेश यात्रा पर ऐसा शुल्क लगाया गया है।
100 रुपए लिया जाएगा शुल्क
बता दें कि इस बार की यात्रा में प्रशासन द्वारा यात्रियों से 100 रुपए का एंट्री कम सेनिटेशन शुल्क लिया जाएगा। यह शुल्क आपसे एंट्री गेट पर ही लिया जाएगा। जिसे देने के बाद ही श्रद्धालु अपनी यात्रा को शुरू कर पाएंगे।
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स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए लिया गया फैसला
प्रशासन का दावा है कि यह राशि श्रद्धालुओं के मार्ग में साफ-सफाई और पर्यावरणीय संरक्षण पर खर्च की जाएगी। इस निर्णय को ईको डेवलपमेंट कमेटी मणिमहेश की बैठक में मंजूरी दी गई है, जिसमें व्यापारियों और स्थानीय लोगों की भागीदारी भी रही।
दुकानदारों और ढाबा संचालकों पर भी नई सख्ती
- यात्रा मार्ग पर दुकान या ढाबा लगाने वालों को भरमौर के आरओ कार्यालय में पंजीकरण करवाना जरूरी कर दिया गया है।
- छोटी दुकान या ढाबा वालों को 500 रुपए
- बड़ी दुकान या ढाबा वालों को 3000 रुपए शुल्क देना होगा।
- जो दुकानदार या ढाबा संचालक अपने आसपास गंदगी फैलाता पाया गया, उस पर 5 हजार तक जुर्माना लगाया जाएगा।
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सुविधा कितनी, शुल्क कितना?
श्रद्धालु और स्थानीय व्यापारी इस नए नियम को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
- क्या प्रशासन इस राशि का सही उपयोग सुनिश्चित कर पाएगा?
- क्या श्रद्धा के रास्ते में स्वच्छता जरूरी है या शुल्क?
- क्या प्रशासन इस शुल्क के बदले श्रद्धालुओं को पर्याप्त सुविधाएं दे पाएगा?
