शिमला। हिमाचल प्रदेश में बढ़ते आपराधिक मामले अब चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। शांत और सुरक्षित राज्य की पहचान रखने वाले हिमाचल में मारपीट, धमकी vkSj अपहरण tSls मामले सुर्खियों में रह रहे हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला शिमला के ठियोग से सामने आया है। यहां दो युवकों को जबरन अपने साथ ले जाने और फिरौती मांगने को लेकर पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन शिकायत के चार दिन बाद भी मुख्य अपहरण मामले में गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवारों में रोष है।
ठियोग उत्सव देखने गए थे दोनों युवक
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार काव्यांश वर्मा और कार्तिक वर्मा 15 अगस्त की रात करीब 10 बजे प्रेमघाट चौक पर ठियोग उत्सव देखने पहुंचे थे। दोनों ने अपनी गाड़ी पार्क की और बाहर आए। आरोप है कि इसी दौरान तीन-चार युवकों ने कथित तौर पर उनसे गाड़ी की चाबी छीन ली और दोनों को जबरन गाड़ी में बैठाकर ठियोग बाईपास की ओर ले गए।
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बाईपास पर 40-50 युवकों के बीच मारपीट का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बाईपास पर पहले से ही करीब 40 से 50 युवक मौजूद थे। वहां दोनों युवकों के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए और दोनों से 5-5 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार पैसे नहीं देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पिस्तौल, गंडासा और डंडे दिखाने का आरोप
मामला यहीं नहीं रुका। शिकायत के मुताबिक दोनों युवकों को बाद में शिमला से मलयाणा की तरफ ले जाया गया। वहां कुछ युवकों ने कथित तौर पर पिस्तौल, गंडासा और डंडे दिखाकर उन्हें धमकाया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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चार दिन बाद भी मुख्य मामले में गिरफ्तारी का इंतजार
ठियोग पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। हालांकि, पीड़ित परिवारों का आरोप है कि घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य अपहरण मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी वजह से परिजनों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। काव्यांश के मामा नरेश और कार्तिक के पिता रोशन ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि घटना के बाद से दोनों युवक डरे और सहमे हुए हैं।
16 अगस्त को पुलिस को मिली थी सूचना
एफआईआर के अनुसार घटना 15 अगस्त की रात करीब 10 बजे से 16 अगस्त की मध्यरात्रि तक की बताई गई है। पुलिस को मामले की सूचना 16 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे मिली, जिसके बाद शाम करीब 3:15 बजे एफआईआर दर्ज की गई। मामले की जांच हेड कांस्टेबल अनिल कुमार को सौंपी गई है।
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अगले दिन फिर भिड़े दोनों पक्ष
इस पूरे घटनाक्रम के बाद 16 अगस्त की रात ठियोग में एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच झड़प होने की बात सामने आई है। आरोप है कि कुछ युवकों के साथ मारपीट की गई और एक वाहन में तोड़फोड़ भी हुई। इस घटना में दो से तीन युवकों के घायल होने की जानकारी है।
दूसरी एफआईआर में तीन गिरफ्तार
डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ के अनुसार कुफरी में तोड़फोड़ और हथियार रखने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्ति कथित अपहरण के मामले से भी जुड़े हुए हैं। हालांकि, दोनों युवकों को कथित तौर पर अगवा करने वाले मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस जांच जारी है।
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परिजनों में बढ़ रहा रोष
पीड़ित परिवारों का कहना है कि दोनों युवक घटना के बाद मानसिक रूप से परेशान हैं। परिजन चाहते हैं कि पुलिस मामले में तेजी से कार्रवाई करे और जिन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए। उनका कहना है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई में देरी से उन्हें चिंता हो रही है।
एसपी बोले- किसी को कानून हाथ में लेने की छूट नहीं
एसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है।
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अब पुलिस कार्रवाई पर टिकी नजरें
ठियोग मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और तीन लोगों की गिरफ्तारी भी दूसरे मामले में हो चुकी है। अब मुख्य अपहरण और फिरौती के आरोपों वाले मामले में पुलिस कब तक अन्य आरोपियों तक पहुंचती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। पीड़ित परिवारों को जल्द न्याय और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।
