#अपराध
October 2, 2026
हिमाचल: साढ़े 5 किलो चरस-आधा किलो अफीम केस में 75 वर्षीय हरियाणवी धरा, बेटा पहले से जेल में है
हिमाचल पुलिस ने हरियाणा से 75 वर्षीय रणवीर को किया गिरफ्तार
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मंडी। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। मंडी जिले में चल रही एक बड़ी ड्रग तस्करी जांच अब हरियाणा तक जा पहुंची है। पंडोह पुलिस ने हरियाणा के 75 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसके खिलाफ पुलिस जांच में चरस और अफीम की खरीद-फरोख्त से जुड़े होने के आरोप सामने आए हैं।
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस आरोपी को पुलिस ने अब गिरफ्तार किया है, उसका बेटा अनिल उर्फ काला पहले ही नशा तस्करी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। यानी एक ही परिवार के पिता-पुत्र दोनों के नाम कथित नशा तस्करी के मामले की जांच में सामने आए हैं।
पंडोह पुलिस ने फॉरवर्ड लिंकेज की जांच को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा में दबिश दी और रणवीर पुत्र लहरी, निवासी गांव व डाकघर जागसी, तहसील गोहाना, जिला सोनीपत को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी की उम्र 75 वर्ष है। जांच में उसके चरस और अफीम की खरीद-फरोख्त से जुड़े होने की भूमिका सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में आरोपियों की संख्या बढ़कर छह हो गई है।
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पंडोह पुलिस चौकी की कार्रवाई की शुरुआत 17 जुलाई को हुई थी। पुलिस ने उस दौरान 5 किलो 535 ग्राम चरस और 568 ग्राम अफीम बरामद की थी। इस मामले में हरियाणा के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने सिर्फ बरामद नशे तक जांच सीमित नहीं रखी, बल्कि यह पता लगाने का प्रयास शुरू किया कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ आरोपियों तक पहुंचा कैसे। यहीं से पुलिस ने सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज खंगाले और 24 अगस्त 2026 को राहुल निवासी गांव रोपा, डाकघर खनाग, तहसील आनी, जिला कुल्लू को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस की जांच एक और अहम आरोपी तक पहुंची। पुलिस ने कथित तौर पर हरियाणा में पकड़े गए आरोपियों को चरस सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी जीत राम उर्फ जीतू (35) को गिरफ्तार किया। जीत राम उर्फ जीतू पुत्र तेज राम, गांव कनाल, डाकघर खनाग, तहसील आनी, जिला कुल्लू का निवासी बताया गया है।
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जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को रणवीर की भूमिका के बारे में जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, चरस और अफीम की खरीद-फरोख्त में रणवीर की भी अहम भूमिका सामने आई। इसके बाद पंडोह पुलिस की टीम ने फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर हरियाणा में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में एसआई अशोक पठानिया, एएसआई मनोज ठाकुर, कांस्टेबल अमित ठाकुर और एलएचएचसी नैना कटोच शामिल रहे।
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इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की हो रही है, वह आरोपी रणवीर के परिवार से जुड़ी है। पुलिस के अनुसार, रणवीर का बेटा अनिल उर्फ काला पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। अब पिता की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस एंगल को भी जांच का हिस्सा बना रही है कि परिवार के सदस्यों के बीच कथित नशा तस्करी के नेटवर्क को लेकर क्या संबंध थे और उनकी भूमिका किस स्तर तक थी। हालांकि, पिता-पुत्र के बीच आपराधिक गतिविधियों में किसी प्रत्यक्ष संबंध के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। जांच अधिकारी नशे की सप्लाई के आगे और पीछे के नेटवर्क को खंगाल रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद चरस और अफीम की सप्लाई का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
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मंडी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने मामले में अब तक छह आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस मादक पदार्थों की सप्लाई से जुड़े अन्य लिंक की भी जांच कर रही है। फिलहाल पंडोह पुलिस की यह कार्रवाई इस बात की ओर इशारा करती है कि जांच एजेंसी केवल नशे की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि चरस और अफीम की सप्लाई चेन की एक-एक कड़ी को जोड़कर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।