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October 2, 2026

हिमाचल: लड़की के घर में घुस आता था युवक, कई बार की नीचता; अब जेल में कटेंगे 10 साल 

कोर्ट ने आरोपी युवक को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई

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Crime News

सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला से एक बड़ी खबर सामने आई है। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी युवक को अदालत ने दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर किशोरी के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म करने और उसका पीछा करने सहित कई गंभीर आरोप लगे थे। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 19 गवाहों के बयान दर्ज करवाए।

नाबालिगा की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

यह मामला कंडाघाट पुलिस थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार पीड़िता की शिकायत के आधार पर 9 मार्च 2024 को आरोपी रजत कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोपी हमीरपुर जिले के बड़सर क्षेत्र का निवासी है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने 13 अप्रैल 2021 को पीड़िता के कमरे में प्रवेश किया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के अनुसार आरोपी उस पर शादी के लिए भी दबाव डालता था और उसका पीछा करने के साथ-साथ उसके घर में उसके साथ बार-बार यौन संबंध बनाता था।

 

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पुलिस जांच के बाद अदालत में पहुंचा मामला

शिकायत मिलने के बाद कंडाघाट पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने एफआईआर नंबर 15/2024 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 354-डी, 504, 506 और 376 के साथ POCSO Act की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। इसके बाद मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, POCSO सोलन की अदालत में हुई।

 

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19 गवाहों की गवाही और दस्तावेजी साक्ष्यों पर हुई सुनवाई

मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष अपने मामले के समर्थन में गवाहों और अन्य साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों तथा रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद आरोपी को संबंधित अपराधों का दोषी माना।

 

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POCSO एक्ट में 10 साल का कठोर कारावास

अदालत ने POCSO Act की धारा 4 के तहत आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को एक महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा IPC की धारा 354-डी के तहत एक वर्ष का साधारण कारावास और 3 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं IPC की धारा 504 के तहत 6 माह और धारा 506 के तहत 2 वर्ष के साधारण कारावास की सजा भी सुनाई गई है।

 

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कोर्ट के फैसले से मामले का हुआ कानूनी अंत

नाबालिगा से जुड़े इस मामले में अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। अदालत के फैसले के बाद आरोपी को अब 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। मामले की पैरवी लोक अभियोजक सीएस नेगी ने की। यह फैसला POCSO कानून के तहत नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के महत्व को भी रेखांकित करता है।

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