शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में शनिवार शाम हुई स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की दिनदहाड़े हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक हमलावरों तक नहीं पहुंच पाई है।
हिमाचल मनीषा मित्तल हत्याकांड
इस बीच जांच में कई नए पहलू सामने आए हैं। इनमें पारिवारिक विवाद, संपत्ति को लेकर लंबे समय से चल रहा तनाव और पहले से जताया गया जान का खतरा प्रमुख रूप से शामिल हैं।
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सिर पर गोली लगने से मौत
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार 41 वर्षीय मनीषा मित्तल की मौत सिर में गोली लगने से हुई। उन पर तीन गोलियां चलाई गई थीं, जिनमें एक गोली सिर में लगी जबकि दो अन्य गोलियां शरीर को छूते हुए निकल गईं। गंभीर रूप से घायल मनीषा को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
स्कूल गेट के बाहर हुआ मर्डर
घटना शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे की बताई जा रही है। संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल परिसर के बाहर दो नकाबपोश युवक पहले से मौजूद थे। जैसे ही मनीषा मित्तल स्कूल के मुख्य गेट के पास पहुंचीं, हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
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आरोपी मौके से फरार
घटना इतनी तेजी से हुई कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। गोली चलाने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इस बाबत पुलिस को सूचना दी।
सुरक्षा गार्ड ने बताई पूरी घटना
स्कूल के सुरक्षा गार्ड यशपाल के अनुसार मनीषा मित्तल कुछ समय के लिए स्कूल से बाहर गई थीं और करीब 10 से 15 मिनट बाद वापस लौटी थीं। जब वह गेट खुलवाने पहुंचीं, उसी दौरान बाहर खड़े दो युवकों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
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हमलावरों ने ढका था चेहरा
गार्ड के अनुसार हमलावरों ने अपना चेहरा ढका हुआ था। गोलियां चलने के बाद दोनों युवक नीचे की ओर भाग गए। पूरी घटना कुछ ही सेकंड में घटित हो गई। फायरिंग के दौरान अपनी जान बचाने के लिए उसे भी सुरक्षित स्थान की ओर भागना पड़ा।
SIT गठित, हरियाणा तक पहुंची जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिमला पुलिस ने विशेष जांच दल SIT का गठन किया है। जांच टीम विभिन्न पहलुओं पर एक साथ काम कर रही है। पुलिस ने मनीषा के पति डॉ. सुभाष यादव के बयान दर्ज किए हैं, जबकि एक टीम हरियाणा पहुंचकर उनके परिजनों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। रविवार को मनीषा मित्तल का अंतिम संस्कार संजौली में कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।
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CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच
पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जांच एजेंसियां हमलावरों के आने-जाने के रास्तों, उनकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार जांच में तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल माध्यमों की भी सहायता ली जा रही है। पुलिस का मानना है कि इन सुरागों से आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
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पुराने वीडियो ने बढ़ाई जांच की दिशा
घटना के बाद सोशल मीडिया पर मनीषा मित्तल का एक पुराना वीडियो भी चर्चा में आया है। वीडियो में वह कुछ लोगों से अपनी जान को खतरा होने की बात कहती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कथित तौर पर पहले भी सुरक्षा की मांग की थी और अपनी चिंताओं को सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया था।
कई पहलुओं की हो रही जांच
इसी आधार पर पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या हत्या किसी पुरानी रंजिश या सुनियोजित साजिश का परिणाम है। जांच अधिकारी इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कहीं वारदात को अंजाम देने के लिए पेशेवर शूटरों का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।
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संपत्ति को लेकर चल रहा था विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मनीषा मित्तल का अपने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ स्कूल संपत्ति और उसके प्रबंधन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से यह विवाद लगातार गहराता जा रहा था।
मनीषा ने लगाए हैं कई आरोप
मनीषा ने पहले भी कुछ लोगों पर मानसिक प्रताड़ना, दबाव बनाने और परेशान करने के आरोप लगाए थे। सोशल मीडिया पर साझा की गई कई पोस्टों में भी उन्होंने अपने ऊपर बढ़ते दबाव का जिक्र किया था। अब पुलिस इन सभी तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाकर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
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पुलिस पर भी उठे सवाल
हत्या के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि यदि किसी व्यक्ति ने पहले ही अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी तो उसकी शिकायतों पर कितना अमल किया गया। कई सामाजिक और राजनीतिक लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मनीषा मांग रही थी मदद
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को पहले से खतरे की आशंका हो और वह लगातार सुरक्षा की मांग कर रहा हो, तो ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना चाहिए। उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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अब गिरफ्तारी का इंतजार
फिलहाल पुलिस की जांच कई दिशाओं में आगे बढ़ रही है। मगर सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि वारदात को अंजाम देने वाले दोनों हमलावर कौन हैं और उन्हें किसने भेजा। पूरे प्रदेश की नजर अब पुलिस जांच पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा होगा और दोषियों को कानून के कटघरे तक पहुंचाया जाएगा।
