शिमला/मंडी। हिमाचल प्रदेश के नशेड़ियों ने नशे सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करने की मानो कसम खा ली हो और ताजा मामला बेहद ही ज्यादा चौंकाता है। केस मंडी जिले की सुंदरनगर का है, जहां ड्रग ओवरडोज के कारण एक युवक की मौत हो गई। जान गंवाने वाला जेसीबी मशीन का ऑपरेटर बताया जा रहा है, जिसकी शादी हुए अभी सिर्फ दो माह का वक्त बीता है।
नशे का तरीके सुनकर हैरान रह जाएंगे
जानकारी के अनुसार मृतक संजय कुमार ने पहले अपने दोस्त के साथ बैठकर शराब पी और फिर चिट्टे का घोल बनाकर इंजेक्शन भी लगाया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। घटना के वक्त मृतक संजय कुमार के साथ उसका दोस्त शशिकांत वहीं पर मौजूदा था और उसने भी साथ में उतना ही नशा किया था।
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बचाई जा सकती थी संजय की जान
जान गंवाने वाले युवक के जीजा ने पुलिस को दी अपने बयान में बताया है कि संजय की तबियत बिगड़ने के बाद शशिकांत उसके घरवालों को सूचित कर सकता था। मगर उसने ऐसा कुछ भी नहीं किया और संजय की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। उनके मुताबिक़ अगर शशिकांत समय रहते कोई ठोस कदम उठाता तो उसकी जान बच सकती थी।
कल शिमला से सामने आया था ऐसा ही केस
गौर रहे कि अभी बीते कल ही हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से भी एक ऐसा ही केस सामने आया था। जहां चिट्टे के ओवरडोज के कारण एक 19 साल के लड़के की जान चली गई। जान गंवाने वाला लड़का- मोहित सिर्फ 19 साल की ही उम्र में नशे का आदी हो गया था। ओवरडोज के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भी ले जाया गया था, मगर अस्पताल पहुंचते ही उसकी जान चली गई।
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अब नए मामले से कई सवाल
वहीं, अब ये नया मामला सामने आने के बाद हिमाचल चिट्टे के बढ़ते चलन पर एक बार फिर से सवाल उठने शुरू हो गए हैं। मंडी सुंदरनगर से सामने आए ताजा मामले में मृतक के दोस्त शशिकांत के खिलाफ लापरवाही एवं नशे से संबंधित प्रविधानों के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस बाकी की तफ्तीश करने में जुटी है।
