मंडी। हिमाचल प्रदेश में कानून ने अमीर-गरीब और आम-खास का भेद उस समय मिटा दिया, जब मंडी की जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर को फ्लैग रॉड मामले में अदालत ने समन थमाया। साथ ही पुलिस को संबंधित वाहन जब्त करने, फ्लैग रॉड हटाने और पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।
स्पॉट ट्रायल के दौरान सामने आया मामला
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी यानी CJM असलम बेग की अदालत ने कार संख्या HP-33G-0027 के संबंध में दायर चालान पर सुनवाई करते हुए वाहन स्वामी चंपा ठाकुर को 10 जुलाई को अदालत में उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। अदालत ने उन्हें विशेष संदेशवाहक के माध्यम से समन भेजने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि निर्धारित तिथि पर उनकी मौजूदगी सुनिश्चित हो सके।
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जानकारी के अनुसार, मंडी शहर के सेरी मंच क्षेत्र में यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे स्पॉट ट्रायल के दौरान संबंधित कार पर फ्लैग रॉड लगी हुई पाई गई। पुलिस अधिकारियों ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि चालक वाहन को मौके से लेकर चला गया। इसके बाद पुलिस ने मामले में मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत चालान तैयार कर अदालत में प्रस्तुत किया।
वाहन जब्त करने के आदेश
मामले को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने सदर थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि संबंधित वाहन को तत्काल अपने कब्जे में लिया जाए। साथ ही वाहन पर लगी फ्लैग रॉड को हटाकर उसकी फोटोग्राफी की जाए। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वाहन को उसके स्वामी को वापस सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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अदालत ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पूरी कार्रवाई के बाद उसकी विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट 10 जुलाई शुक्रवार को अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाए। न्यायालय ने यह भी कहा कि आदेशों का समय पर पालन सुनिश्चित किया जाए और कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
नियमों के पालन पर अदालत की सख्ती
यह मामला एक बार फिर सार्वजनिक पदाधिकारियों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों द्वारा वाहनों पर फ्लैग रॉड और अन्य विशेष प्रतीकों के उपयोग को लेकर चर्चा में आ गया है। अदालत के आदेश को यह संदेश माना जा रहा है कि मोटर वाहन नियम सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होते हैं और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई से कोई भी अछूता नहीं रहेगा।
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अब पुलिस अदालत के आदेशों के अनुरूप वाहन को कब्जे में लेकर फ्लैग रॉड हटाने की प्रक्रिया पूरी करेगी। इसके बाद कार्रवाई से संबंधित सभी दस्तावेज और फोटोग्राफ अदालत में पेश किए जाएंगे। 10 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में अदालत पुलिस की अनुपालन रिपोर्ट और मामले की आगे की प्रगति पर विचार करेगी।
