#अपराध
July 7, 2026
हिमाचल : दो हफ्ते पहले जेल से बाहर आया था इन्द्रदेव, 53 केस हैं दर्ज; फिर लाखों के चिट्टे संग धरा
गुप्त सूचना पर शोघी बैरियर में बिछाया जाल
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस टीम के हाथ बड़ी सफलता लगी है। यहां पुलिस ने नशे की खेप के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ढेर सार चिट्टा बरामद हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिमला पुलिस की स्पेशल सेल को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि कुछ लोग वाहन में बड़ी मात्रा में चिट्टा लेकर शोघी बैरियर क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए इलाके में नाकाबंदी कर दी और आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी।
कुछ देर बाद पुलिस ने एक संदिग्ध वाहन को रोककर स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में नियमानुसार तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से 242 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। इसके बाद वाहन में सवार तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि उनसे गहन पूछताछ की जा सके।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस मामले का मुख्य आरोपी इन्द्रदेव उर्फ दाणू पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है। उसके खिलाफ 53 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इनमें एनडीपीएस एक्ट के 9 मामले, आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम और चोरी जैसे कई गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि वह लंबे समय से कानून के निशाने पर रहा है और नशा तस्करी से जुड़े मामलों में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि इन्द्रदेव उर्फ दाणू को पहले PIT-NDPS Act के तहत तीन महीने के लिए हिरासत में रखा गया था। वह 21 जून 2026 को ही जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने के कुछ ही दिनों बाद वह फिर से नशा तस्करी के मामले में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इस वजह से पुलिस अब उसके पुराने नेटवर्क और संपर्कों की भी जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपी सुन्नी, रामपुर, कुमारसैन और शिमला के अन्य क्षेत्रों में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलिस का मानना है कि वह लंबे समय से युवाओं तक चिट्टा पहुंचाने का काम कर रहा था। अब जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और किन इलाकों में नशे की सप्लाई की जा रही थी।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर उनका पुलिस रिमांड लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाएगी कि चिट्टा कहां से लाया गया था, इसे किसे सप्लाई किया जाना था और इस पूरे कारोबार में कितने लोग शामिल हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं।