बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में चिट्टा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान पुलिस एक ऐसे आरोपी तक पहुंची है, जिसका नाम चिट्टा सप्लाई के साथ-साथ बिलासपुर के चर्चित गोलीकांड से भी जुड़ा सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया है।
21 अगस्त को चिट्टा पकड़ा, फिर खुला सप्लायर का राज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला बिलासपुर से सामने आया है। यहां पर पुलिस की विशेष टीम ने 21 अगस्त को फोरलेन पर नाकाबंदी के दौरान एक बाइक को जांच के लिए रोका था। बाइक पर सवार अमन और अरुण के पास से पुलिस को 14.50 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
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इसके बाद सदर थाना बिलासपुर में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जब मामले की आगे जांच की तो मोबाइल और दूसरे तकनीकी सबूतों के जरिए चिट्टे की सप्लाई करने वाले मुख्य व्यक्ति तक पहुंच गई।
रोपड़ में दबिश देकर आरोपी को किया गिरफ्तार
जांच में सामने आया कि चिट्टे की सप्लाई का मुख्य आरोपी पंजाब के रोपड़ जिले की तहसील आनंदपुर साहिब के मिस्सेवाल गांव का रहने वाला मलकीयत सिंह उर्फ मल्ली है। इसके बाद बिलासपुर पुलिस की टीम ने पंजाब के रोपड़ में दबिश दी और मल्ली को गिरफ्तार कर लिया।
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जून के गोलीकांड में भी सामने आया मल्ली का नाम
मल्ली की गिरफ्तारी से बिलासपुर में हुए गोलीकांड का मामला भी जुड़ गया है। पुलिस जांच के अनुसार 20 जून 2024 को परिधि गृह और जिला न्यायालय के पास सौरभ पटियाल उर्फ फांदी पर जानलेवा हमला हुआ था। इस मामले में पुलिस को पता चला कि हमला करने वाले शूटर सन्नी गिल को मलकीयत सिंह ने ही हायर करवाया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी बिलासपुर और मंडी में बड़े स्तर पर चिट्टे की सप्लाई कर रहा था।
कई गंभीर मामलों में आरोपी है मलकीयत सिंह
पुलिस के अनुसार मलकीयत सिंह के खिलाफ हिमाचल प्रदेश और पंजाब में पहले से कई मामले दर्ज हैं। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं।
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2012 से लगातार दर्ज होते रहे मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2012 में कीरतपुर साहिब और नालागढ़ थानों में उसके खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी के तीन मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद 2013 में आनंदपुर साहिब और कोट कहलूर में लूट, मारपीट समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुए।
हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट का भी केस
वर्ष 2014 में स्वारघाट में तोड़फोड़ और कोट कहलूर थाने में हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ। वहीं 2017 में कीरतपुर साहिब थाने में डकैती की तैयारी और आर्म्स एक्ट का केस दर्ज किया गया।
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2020 और 2024 में भी दर्ज हुए गंभीर केस
वर्ष 2020 में नालागढ़ थाने में घर में घुसकर मारपीट करने और धमकी देने का मामला दर्ज हुआ। इसके बाद वर्ष 2024 में बिलासपुर सदर थाने में हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। यह मामला जून में हुए गोलीकांड से जुड़ा है।
पुलिस की कार्रवाई से चिट्टा नेटवर्क पर लगा बड़ा झटका
मलकीयत सिंह की गिरफ्तारी को बिलासपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर चिट्टा सप्लाई से जुड़े दूसरे लोगों और पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। इससे बिलासपुर और आसपास के इलाकों में चल रहे नशे के नेटवर्क पर भी बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है।
