#अपराध
September 8, 2026
हिमाचल के बागवानों से धोखा! 34 लाख का सेब लेकर फरार हुआ व्यापारी, फोन-कमरा सब बंद मिला
व्यापारी ने दिए थे चेक, बैंक में हो गए बाउंस, पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन शुरू होते ही जहां मंडियों में करोड़ों रुपये का कारोबार होता है, वहीं हर साल कुछ ऐसे मामले भी सामने आते हैं, जहां शातिर कारोबारी बागवानों और आढ़तियों का विश्वास जीतकर लाखों रुपये का सेब खरीद लेते हैं और भुगतान किए बिना गायब हो जाते हैं। कुल्लू जिला की पतलीकूहल सब्जी मंडी से सामने आया ताजा मामला भी इसी तरह की कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है।
यहां एक सेब कारोबारी पर आढ़तियों से करीब 34 लाख रुपये का सेब खरीदने और उसका भुगतान किए बिना फरार होने का आरोप लगा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस कारोबारी पर लंबे समय से मंडी के आढ़तियों ने भरोसा कर रखा था, वही कथित तौर पर भुगतान का समय आने पर गायब हो गया।
आढ़तियों के मुताबिक आरोपी कारोबारी की पहचान हरिंद्र साहनी निवासी वैशाली बिहार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब तीन से चार वर्षों से पतलीकूहल सब्जी मंडी में रहकर सेब का कारोबार कर रहा था। लंबे समय तक मंडी में कारोबार करने के कारण आढ़तियों के साथ उसके व्यावसायिक संबंध बन गए थे।
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इसी वजह से कारोबारी को सेब उपलब्ध करवाने में आढ़तियों को ज्यादा संदेह नहीं हुआ। इस सीजन में भी उसने अलग-अलग आढ़तियों से बड़ी मात्रा में सेब खरीदा। शुरुआत में सब कुछ सामान्य चलता रहा, लेकिन जब खरीदे गए सेब का भुगतान करने का समय आया तो मामला अचानक बदल गया।
आढ़तियों का आरोप है कि कारोबारी ने भुगतान के भरोसे के तौर पर कुछ चेक भी दिए थे। आढ़तियों ने जब भुगतान हासिल करने के लिए इन चेकों को बैंक में लगाया तो वे पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने के बाद आढ़तियों ने कारोबारी से संपर्क करने की कोशिश की। पहले फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन मोबाइल बंद मिला।
इसके बाद जब उसके ठिकाने पर पहुंचकर जानकारी लेने की कोशिश की गई तो वहां भी कारोबारी नहीं मिला। बताया गया कि वह अपना किराए का कमरा खाली कर चुका था। यानी चेक बाउंस होने के बाद फोन बंद और फोन बंद होने के बाद कमरा भी खाली—आढ़तियों को जब तक पूरे मामले की भनक लगी, तब तक कारोबारी कथित तौर पर फरार हो चुका था।
पतलीकूहल सब्जी मंडी आढ़ती संघ की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में कई आढ़तियों की रकम का विवरण दिया गया है। शिकायत के अनुसार एमसीएफ शॉप नंबर-12 के करीब 15.49 लाख रुपये, एसएफसी शॉप नंबर-24 के करीब 21 हजार रुपये, आरएफसी शॉप नंबर-16 के करीब 11.51 लाख रुपये, आरएसटी शॉप नंबर-20 के करीब 2.11 लाख रुपये और एएफएल शॉप नंबर-6 के करीब 2.30 लाख रुपये की राशि बकाया बताई गई है।
इसके अलावा एसएफटी शॉप नंबर-27 के करीब 1.05 लाख रुपये, वीएफसी शॉप नंबर-25 के करीब 1.08 लाख रुपये, आरएफसी शॉप नंबर-111 के करीब 13 हजार रुपये, केएलटी शॉप नंबर-7 के करीब 45 हजार रुपये और एएसवी शॉप नंबर-18 के करीब 2.14 लाख रुपये की रकम भी शामिल है। इन सभी रकम को मिलाकर कथित तौर पर करीब 34 लाख रुपये का भुगतान फंसा हुआ बताया गया है।
इस मामले का असर केवल मंडी के आढ़तियों तक सीमित नहीं है। सेब का भुगतान अटकने की स्थिति में उन बागवानों पर भी आर्थिक दबाव पड़ सकता है, जिन्होंने अपनी मेहनत से तैयार की गई फसल मंडी के माध्यम से बेची थी। सेब सीजन बागवानों के लिए सालभर की मेहनत और आय का महत्वपूर्ण समय होता है। ऐसे में लाखों रुपये का भुगतान अटकना उनके लिए बड़ी परेशानी बन सकता है।
मामले को लेकर पतलीकूहल सब्जी मंडी आढ़ती संघ ने पुलिस थाना पतलीकूहल में शिकायत दर्ज करवाई है। संघ के अध्यक्ष कुंज लाल ठाकुर ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करने और आरोपी कारोबारी को जल्द तलाशने की मांग की है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी कारोबारी के बारे में जानकारी जुटाने के साथ-साथ लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों और चेकों की भी जांच कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी ने कितनी मात्रा में सेब खरीदा, किस-किस आढ़ती से कारोबार किया और भुगतान के लिए दिए गए चेक किन परिस्थितियों में बाउंस हुए। पुलिस के अनुसार मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश की मंडियों में सेब सीजन के दौरान करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। इस दौरान बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में कारोबारी यहां पहुंचते हैं। अधिकांश कारोबारी वर्षों से बागवानों और आढ़तियों के साथ भरोसे के साथ कारोबार करते हैं, लेकिन कभी-कभार ऐसे मामले भी सामने आते हैं जहां कारोबारी कथित तौर पर भारी मात्रा में सेब खरीदने के बाद भुगतान किए बिना गायब हो जाते हैं।