धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। धर्मशाला स्थित जिला कारागार में एक विचाराधीन कैदी के पास से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ है। यह खुलासा उस समय हुआ जब आरोपी कोर्ट में पेशी से वापस जेल लौटा और नियमित तलाशी के दौरान उसके पास से चिट्टा बरामद किया गया।

धर्मशाला जेल में बंद है कैदी

जानकारी के अनुसार फतेहपुर पुलिस थाना के तहत चलवाड़ा निवासी राहुल उर्फ हैप्पी जिसे 7 अप्रैल 2026 को 6.34 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया था धर्मशाला जेल में विचाराधीन कैदी के रूप में बंद है। बुधवार को इसी मामले की सुनवाई के लिए उसे कड़ी सुरक्षा के बीच जवाली न्यायालय में पेशी के लिए ले जाया गया था। अदालत की कार्यवाही पूरी होने के बाद शाम को जब उसे दोबारा जेल लाया गया, तो मुख्य द्वार पर तैनात सतर्क कर्मचारियों ने उसकी गहन तलाशी ली। 

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में एक ग्राम चिट्टे के लिए चला 7 साल केस : अब तस्कर को हुई 2 महीने की जेल

गुप्तांग में छिपाया मिला चिट्टा

जेल के गेट पर तलाशी के दौरान कर्मियों को आरोपी की गतिविधियों पर शक हुआ। जब बारीकी से जांच की गई, तो आरोपी के गुप्तांग से एक पुड़िया बरामद हुई। जब इसे खोला गया तो इसमें 13.62 ग्राम नशीला पाउडर मिला। इतनी भारी मात्रा में नशीला पदार्थ मिलना जेल प्रशासन के लिए किसी झटके से कम नहीं था। तत्काल इसकी सूचना धर्मशाला पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने नशे की इस खेप को कब्जे में लेकर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल के पंचायती दंगल में कूदेंगे 1981 बैच के IPS अधिकारी फूंचोग, दिल्ली पुलिस के हैं पूर्व ज्वाइंट कमिश्नर

कहां से आई इतनी बड़ी खेप

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर कोर्ट ले जाए जाने और वापस लाए जाने के बीच आरोपी के पास इतनी मात्रा में नशीला पदार्थ कहां से आया। क्या रास्ते में किसी ने उसे यह सप्लाई की, या फिर सुरक्षा व्यवस्था में कहीं बड़ी चूक हुई, इन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

यह भी पढ़ें-हिमाचल: विदेश जाने की तैयारी में था युवक- ब्यास में तैरती मिली देह, बाइक और चप्पल पशुशाला से बरामद

पुलिस ने दर्ज किया मामला

जेल प्रशासन ने तुरंत इस मामले की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और जेल अधिनियम के तहत नया मामला दर्ज किया गया है। बरामद किए गए नशीले पदार्थ को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है, ताकि इसकी पुष्टि हो सके। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस दोनों सतर्क हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और यदि इसमें किसी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें