#अपराध
May 7, 2026
हिमाचल में एक ग्राम चिट्टे के लिए चला 7 साल केस : अब तस्कर को हुई 2 महीने की जेल
नशा तस्करी पर पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच चिट्टे के एक पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब सात साल तक चले केस के बाद अदालत ने एक ग्राम चिट्टे के साथ पकड़े गए तस्कर को दो महीने के लिए जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार यह मामला 9 नवंबर 2019 का है। उस दिन पुलिस थाना सदर शिमला की टीम रविन्दा कार्ट रोड स्थित सब्जी मंडी क्षेत्र में नियमित गश्त और चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगीं।
शक के आधार पर जब उसे रोका गया और तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से करीब एक ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। आरोपी की पहचान मनोज कुमार शर्मा निवासी जिला अंबाला, हरियाणा के रूप में हुई।
बताया गया कि उस समय आरोपी शिमला में रह रहा था। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में पुलिस ने सबूत जुटाने के साथ अदालत में चालान पेश किया।
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद मामले की सुनवाई न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (JMFC-5) शिमला की अदालत में पूरी हुई। अदालत ने बीती 5 मई को आरोपी को दोषी मानते हुए दो माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई।इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान रखा गया है।
जिला शिमला पुलिस ने फैसले को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता बताया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मजबूत साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और प्रभावी पैरवी के कारण आरोपी को सजा दिलाना संभव हो पाया। पुलिस ने दोहराया कि जिला में नशे के कारोबार, चिट्टा तस्करी और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों पर लगातार सख्त नजर रखी जा रही है तथा भविष्य में भी ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।