ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की रिपोह मिसरा पंचायत में एक युवक को लेकर विवाद सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने एक युवा कांग्रेस नेता पर शराब के नशे में पंचायत क्षेत्र में हंगामा करने और महिलाओं के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक व्यवहार करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस नेता की पिटाई

घटना के बाद स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने युवक को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट कर दी। बताया जा रहा है कि घटनाक्रम के दौरान पंचायत क्षेत्र में लगे निगरानी कैमरों में कुछ दृश्य रिकॉर्ड हुए हैं।

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CCTV में कैद हुई वीडियो

CCTV फुटेज की बात सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है या केवल घटनाक्रम का कुछ हिस्सा ही उसमें दिखाई देता है।

नशे की हालत में आरोपी

स्थानीय लोगों के मुताबिक युवक कथित तौर पर शराब के नशे में पंचायत क्षेत्र में आया था। ग्रामीणों का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उसका कुछ महिलाओं के साथ विवाद हो गया। देखते ही देखते बातचीत ने कथित रूप से गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार का रूप ले लिया।

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ग्रामीणों ने पीटा युवक

मौके पर मौजूद लोगों ने जब स्थिति बिगड़ती देखी तो उन्होंने हस्तक्षेप किया। इसी दौरान युवक और ग्रामीणों के बीच भी विवाद बढ़ गया। इसके बाद कुछ लोगों ने युवक को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट कर दी।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

घटना के बाद पंचायत क्षेत्र में काफी देर तक इस मामले को लेकर लोगों के बीच चर्चा होती रही। स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं- ताकि यह साफ हो सके कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और घटनाक्रम के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।

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CCTV से खुलेगा राज

इस पूरे मामले में पंचायत क्षेत्र में लगे CCTV कैमरे अहम माने जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विवाद से जुड़े कुछ दृश्य कैमरों में दर्ज हुए हैं। अगर फुटेज उपलब्ध होती है और जांच में इसे आधिकारिक तौर पर शामिल किया जाता है, तो घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिल सकती है।

 

हालांकि अभी CCTV फुटेज की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कैमरों की रिकॉर्डिंग में युवक और महिलाओं के बीच हुई कथित कहासुनी से लेकर बाद में हुई मारपीट तक का पूरा घटनाक्रम मौजूद है या नहीं।

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ऐसे में फिलहाल सामने आई जानकारी मुख्य रूप से स्थानीय लोगों के आरोप और दावों पर आधारित है। पुलिस जांच के बाद ही यह तय हो सकेगा कि घटना में किसकी क्या भूमिका रही और किन आरोपों में कितनी सच्चाई है।

युवक के साथ मारपीट भी जांच का हिस्सा

महिलाओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार के आरोपों के साथ-साथ युवक के साथ हुई मारपीट भी मामले का अहम हिस्सा है। किसी व्यक्ति पर आरोप लगने के बाद उसके साथ मारपीट करना कानूनन उचित नहीं माना जाता। यदि घटना की शिकायत पुलिस तक पहुंचती है, तो जांच में दोनों पक्षों से जुड़े घटनाक्रम को देखा जा सकता है।

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महिलाओं ते साथ दुर्व्यवहार

यानी पुलिस के सामने केवल महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच का सवाल नहीं होगा, बल्कि युवक के साथ हुई मारपीट की परिस्थितियां भी सामने लानी होंगी। मौके पर मौजूद लोगों के बयान और CCTV रिकॉर्डिंग जैसी चीजें इस जांच में महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार

फिलहाल मामले को लेकर पुलिस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए युवक के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अभी अंतिम तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।

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इसी तरह युवक के साथ मारपीट करने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। यदि CCTV फुटेज उपलब्ध होती है तो उससे विवाद के दौरान मौजूद लोगों और घटनाक्रम के क्रम की जानकारी हासिल करने में मदद मिल सकती है।

राजनीतिक पहचान के कारण मामला चर्चा में

मामले में युवक की पहचान युवा कांग्रेस नेता के तौर पर बताए जाने के कारण भी यह घटना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि किसी राजनीतिक संगठन से जुड़े व्यक्ति पर आरोप लगना अपने आप में आरोपों की पुष्टि नहीं करता। पूरे मामले में तथ्य सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

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ग्रामीणों ने जताया रोष

स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा है कि सार्वजनिक स्थान पर विवाद की स्थिति पैदा होने से पहले मामला क्यों नहीं संभल पाया और बाद में बात मारपीट तक कैसे पहुंच गई। घटना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।

कानून हाथ में लेने से बचने की अपील

लोगों का कहना है कि महिलाओं के सम्मान से जुड़ा कोई भी मामला गंभीरता से लिया जाना चाहिए और शिकायत होने पर उचित कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, ऐसी परिस्थितियों में भीड़ द्वारा खुद किसी व्यक्ति को दंडित करना उचित नहीं है। अगर किसी व्यक्ति पर दुर्व्यवहार या किसी अन्य गलत हरकत का आरोप है तो इसकी सूचना पुलिस को दी जानी चाहिए, ताकि कानून के अनुसार कार्रवाई हो सके।

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