#अपराध
September 25, 2026
सोलन मां-बेटी केस में अपडेट : पति ने WhatsApp पर किया था ब्लॉक, प्रिशिका का फोन खोलेगा राज
कमरे में पड़ी मिली थी प्रिशिका और उसकी बेटी की देह
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सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में हुई मां-बेटी की मौत के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले में घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं। मृतका के मायका पक्ष पुलिस को बेटी से संबंधित कई खुलासे किए हैं। परिवार की ओर से पति-पत्नी के बीच कथित विवाद और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े आरोप सामने आए हैं।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही परिजनों से भी गहनता से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण और घटनाक्रम की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
आपको बता दें कि ये सनसनीखेज मामला शहर के आंजी क्षेत्र से बीते बुधवार, 23 सितंबर को सामने आया था। प्रिशिका बीते रविवार यानी 20 सितंबर को अपनी छह महीने की बेटी के साथ बिलासपुर जिले के नम्होल से सोलन मायके आई थी। उसका पति आशुतोष उसे सोलन छोड़ने के बाद वापस चला गया था।
घटना वाले दिन प्रिशिका की छोटी बहन भी उसके साथ कमरे में मौजूद थी। बताया जा रहा है कि बुधवार को प्रिशिका ने अपनी छोटी बहन को कुछ खाने-पीने का सामान लेने के लिए बाहर भेजा था। बहन जब वापस कमरे पर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। उसने आवाज लगाकर दरवाजा खुलवाने की कोशिश की और फोन के माध्यम से भी संपर्क करने का प्रयास किया। मगर प्रिशिका का अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।
स्थिति संदिग्ध लगने पर छोटी बहन ने इसकी जानकारी अपने पिता हरविंद्र बिष्ट को दी। इसके बाद पिता मौके पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण वह बालकनी की खिड़की के रास्ते अंदर दाखिल हुए। कमरे के भीतर का दृश्य देखकर परिवार के लोग स्तब्ध रह गए।
प्रिशिका फंदे पर लटकी हुई थी और उसकी छह माह की बेटी शैलजा पानी से भरी बाल्टी में मृत अवस्था में मिली। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना के बाद प्रिशिका के पिता हरविंद्र बिष्ट की ओर से एक महत्वपूर्ण दावा सामने आया है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की पति आशुतोष से फोन पर बातचीत होती रहती थी। घटना वाले दिन पति ने प्रिशिका को WhatsApp पर ब्लॉक कर दिया था।
पिता का दावा है कि इसी बात को लेकर उनकी बेटी परेशान थी। उन्होंने बताया कि वह घटना वाले दिन सुबह काम के लिए घर से निकले थे। उस समय प्रिशिका सामान्य थी और उसने उनसे किसी तरह के विवाद या परेशानी की बात नहीं की थी। शाम करीब छह बजे जब वह वापस घर पहुंचे तो उन्हें बेटी और नातिन मृत अवस्था में मिलीं। हा
मामले में प्रिशिका की मौसी की ओर से भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मौसी का दावा है कि प्रिशिका और उसके पति के बीच पहले से विवाद चल रहा था। उन्होंने ससुराल पक्ष पर प्रिशिका को कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए हैं।
मौसी के अनुसार, प्रिशिका ने इस संबंध में पहले महिला आयोग में भी शिकायत की थी। हालांकि इस शिकायत और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस कथित शिकायत के संबंध में उपलब्ध रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
ASP सोलन रमेश शर्मा के अनुसार, पुलिस ने मामले में ससुराल पक्ष के खिलाफ BNS की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जिसमें-
मामले में छह माह की बच्ची की मौत भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बच्ची पानी से भरी बाल्टी में मृत मिली थी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्ची किन परिस्थितियों में बाल्टी तक पहुंची और उसकी मौत किस तरह हुई।
वहीं, मां की मौत और बच्ची की मौत के बीच कितना समय अंतराल था। साथ ही घटना से पहले कमरे में क्या हुआ- यह भी जांच के प्रमुख सवाल हैं। इन सवालों के जवाब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य तकनीकी जांच से सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही मां-बेटी की मौत के पीछे की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।