कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच कुल्लू की विशेष अदालत ने एक अहम फैसला सुनाया है। करीब तीन साल पुराने चरस तस्करी मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 13 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 1 लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
झुडू राम को 13 साल का कारावास
विशेष न्यायाधीश-प्रथम कुल्लू प्रकाश चंद राणा की अदालत ने यह फैसला सुनाते हुए झुडू राम निवासी गांव गलिंगचा, डाकघर बठाहड़, तहसील बंजार को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माना जमा नहीं करता है तो उसे 30 महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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गुप्त सूचना पर हुई थी कार्रवाई
जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम के अनुसार यह मामला 18 अक्तूबर 2022 का है। उस दिन कुल्लू पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति चरस लेकर जा रहा है।
3 किलोग्राम चरस हुई थी बरामद
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने चिपनी के पास तुंग नामक स्थान पर नाकाबंदी कर संदिग्ध को रोका। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 3.115 किलोग्राम चरस बरामद हुई। बरामदगी के बाद आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर उसके खिलाफ थाना बंजार में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
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13 गवाहों और सबूतों के आधार पर दोष साबित
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए और बरामदगी से जुड़े साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए 13 वर्ष के कठोर कारावास और 1.30 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
