चंबा। हिमाचल प्रदेश में डाक जीवन बीमा (PLI) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI) की किस्तों में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। CBI ने चंबा जिले के एक डाक कर्मचारी के खिलाफ 1.06 लाख रुपये के कथित गबन के आरोप में मामला दर्ज किया है।
डाक विभाग में हेराफेरी
आरोप है कि ग्राहकों से नकद में प्राप्त बीमा प्रीमियम और ऋण अदायगी की पूरी राशि का लेखा-जोखा सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।
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सब पोस्टमास्टर ने किया घोटाला
CBI की FIR के अनुसार, चंबा मंडल के डाक अधीक्षक राजीव गुरंग की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राजीव कुमार ने सुल्तानपुर उप डाकघर में सब पोस्टमास्टर के पद पर तैनाती के दौरान ग्राहकों से प्राप्त राशि का पूरा विवरण सरकारी लेखा प्रणाली में दर्ज नहीं किया।
1.06 लाख रुपये के गबन का आरोप
FIR के मुताबिक, राजीव कुमार 15 नवंबर 2018 से 20 अप्रैल 2022 तक सुल्तानपुर उप डाकघर में तैनात रहे। आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों से प्राप्त बीमा प्रीमियम की राशि को संबंधित पॉलिसियों में मैककैमिश सॉफ्टवेयर के जरिए दर्ज किया।
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सरकारी राशि का गबन किया
मगर वही राशि SAP और मेघदूत सॉफ्टवेयर में या तो दर्ज नहीं की गई या कम दर्ज की गई। CBI का आरोप है कि मार्च 2019 से सितंबर 2021 के बीच इस तरीके से 1 लाख 6 हजार 291 रुपये की सरकारी राशि का गबन किया गया और उसका इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया गया।
विभागीय जांच भी जारी
CBI के अनुसार, शिकायत की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि डाक विभाग ने इस मामले में विभागीय कार्रवाई शुरू कर रखी है और कुछ अन्य मामलों की भी सर्किल स्तर पर जांच चल रही है। जांच एजेंसी ने आशंका जताई है कि आगे जांच बढ़ने पर कथित गबन की राशि में और बढ़ोतरी हो सकती है।
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राजीव कुमार के खिलाफ केस दर्ज
CBI की शिमला स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने वर्तमान में चंबा प्रधान डाकघर में पोस्टल असिस्टेंट, LSG के पद पर कार्यरत राजीव कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
