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June 16, 2026

हिमाचल : CBSE स्कूलों में तैनाती पर फंसा पेंच, उलझन में सरकार- दो गुटों में बंटे शिक्षक

438 विद्यार्थियों ने छोड़े CBSE सरकारी स्कूल

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शिमला। हिमाचल प्रदेश के 158 CBSE से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर सरकार असमंजस की स्थिति में है। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पहले चयन परीक्षा करवाई गई और इसके आधार पर काउंसिलिंग के लिए नौ केंद्रों पर समितियां भी गठित कर दी गईं। मगर पंचायत चुनाव की आचार संहिता के कारण काउंसिलिंग नहीं हो पाई। अब सरकार स्वयं इस मामले में उलझन में पड़ गई है।

डिप्टी CM ने बुलाई बैठक

शिक्षकों का एक वर्ग चाहता है कि इन स्कूलों में पहले से कार्यरत शिक्षकों को न बदला जाए। जबकि दूसरा वर्ग चयन परीक्षा के आधार पर मेरिट के मुताबिक नियुक्तियां करने की मांग कर रहा है। मामले के समाधान के लिए डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में गठित समिति की पहली बैठक 19 जून को होगी।

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शिक्षा मंत्री के साथ हुई चर्चा

डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के साथ इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को बैठक के लिए पूरा प्रारूप तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।

चयन परीक्षा के बाद क्यों फंसा मामला?

चयन परीक्षा के फैसले का पहले कुछ शिक्षक विरोध कर चुके हैं और मामला अदालत तक भी पहुंचा था। हालांकि, अदालत ने शिक्षा विभाग के चयन परीक्षा कराने के फैसले को सही ठहराया था। इसके बावजूद अब नियुक्तियों को लेकर नए सिरे से विवाद खड़ा हो गया है।

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शिक्षकों के दो धड़ों में मतभेद

CBSE सब कैडर शिक्षक कल्याण संघ मेरिट के आधार पर नियुक्तियों की पैरवी कर रहा है। संघ के अध्यक्ष खजान सिंह की अध्यक्षता में इस विषय पर वर्चुअल बैठक भी हो चुकी है और जल्द ही शिक्षक मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी में हैं। वहीं, राजकीय अध्यापक संघ का कहना है कि इस साल पुराने पैटर्न के अनुसार तैनाती जारी रखी जाए और इसके परिणामों की समीक्षा के बाद अगले वर्ष कोई नया फैसला लिया जाए।

10 से 12 हजार तबादलों का तर्क

शिक्षा विभाग का कहना है कि यदि चयन परीक्षा के आधार पर नियुक्तियां की गईं तो बीच सत्र में 10 से 12 हजार शिक्षकों के तबादले करने पड़ सकते हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी। फिलहाल शिक्षा विभाग में तबादलों पर प्रतिबंध भी लागू है। इसी कारण सरकार सभी पहलुओं पर विचार कर रही है।

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438 विद्यार्थियों ने छोड़े CBSE सरकारी स्कूल

CBSE से संबद्ध सरकारी स्कूलों से अब तक 438 विद्यार्थियों ने अन्य स्कूलों में माइग्रेशन करवा लिया है। हालांकि, इन स्कूलों को CBSE संबद्धता मिलने के बाद कुल 4,243 विद्यार्थियों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जहां इन स्कूलों में 78,474 विद्यार्थी थे, वहीं सत्र 2026-27 में यह संख्या बढ़कर 82,717 हो गई है।

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