शिमला। नशे की लत ने हिमाचल प्रदेश की युवा पीढ़ी को धीरे-धीरे बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया है। खासकर चिट्टे (हेरोइन) का बढ़ता चलन अब केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि युवाओं को अपराध की राह पर भी धकेल रहा है। नशे की जरूरत पूरी करने के लिए युवा चोरी, लूटपाट और धोखाधड़ी जैसी घटनाओं को अंजाम देने से भी नहीं हिचक रहे हैं।
नशे के लिए गिरवी रख दी कार
जिला शिमला में सामने आए ताजा मामले ने हालात की गंभीरता को उजागर कर दिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि चिट्टे की खरीद के लिए एक युवक ने अपनी निजी कार को एक लाख रुपये में गिरवी रख दिया।
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कार गिरवी रख खरीदा चिट्टा
कार गिरवी रखने के बाद युवक चिट्टा खरीदकर शिमला की ओर आ रहे थे। इसी दौरान शोघी के समीप पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान उन्हें पकड़ लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे का आदी था और लगातार चिट्टे की जरूरत को पूरा करने के लिए उसने यह कदम उठाया। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि नशा सप्लाई करने वाला व्यक्ति कौन है और उसका नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।
नशे की लत से अपराध की ओर झुकाव
यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार जांच में सामने आ चुका है कि नशे की लत के चलते युवक अपने ही घरों में चोरी कर चुके हैं। शहर में कई ऐसे मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें नशे के आदी युवाओं ने राहगीरों से लूटपाट की।
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लिफ्ट लेने के बहाने लूटपाट
टुटीकंडी क्षेत्र में भी पहले ऐसे मामले सामने आए थे, जहां कुछ युवक राह चलते लोगों को लिफ्ट देने के बहाने लूटपाट करते थे। पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में साफ तौर पर स्वीकार किया था कि वे नशे के लिए पैसे जुटाने के उद्देश्य से इन वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
छीनाझपटी की घटनाओं के पीछे भी नशा
पिछले कुछ समय में शिमला शहर में छीनाझपटी की बढ़ती घटनाओं के पीछे भी नशे को एक बड़ी वजह माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, कई मामलों में आरोपी युवक नशे के आदी पाए गए हैं, जो अपनी लत को पूरा करने के लिए अपराध की राह पर उतरे।
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चिट्टा तस्करी के नेटवर्क पर पुलिस की सख्ती
शिमला पुलिस चिट्टा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। नए साल की शुरुआत से ही जिले में नशा तस्करी के मामलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है। इस दौरान न केवल स्थानीय तस्करों को पकड़ा गया है, बल्कि दूसरे राज्यों से नशा सप्लाई करने वाले कई सप्लायरों को भी गिरफ्तार किया गया है।
PIT-NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई
नशा तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार नशा तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले आदतन तस्करों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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दस लोगों को भेजा जेल
जिला पुलिस अब तक ऐसे दस आरोपियों को इस कानून के तहत जेल भेज चुकी है। इन आरोपियों को तीन महीने तक जेल में रखा जाएगा और जरूरत पड़ने पर यह अवधि और बढ़ाई जा सकती है। पुलिस का कहना है कि ये आरोपी बार-बार पकड़े जाने के बावजूद नशा तस्करी से बाज नहीं आ रहे थे, जिससे जिले की युवा पीढ़ी पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।
युवाओं के भविष्य पर मंडराता खतरा
नशे का यह बढ़ता जाल न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहा है, बल्कि समाज और परिवारों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि नशा तस्करी और नशे की लत के खिलाफ यह लड़ाई केवल कानून से नहीं, बल्कि समाज की जागरूकता और सहयोग से ही जीती जा सकती है।
