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February 2, 2026
हिमाचल में बरसी चांदी : आज भी कई जिले अलर्ट पर, अगले 48 घंटे जमकर होगी बारिश-बर्फबारी
धौलाधार की ऊंची पहाड़ियों पर लगातार हिमपात होता रहा
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने एक बार फिर करवट ली। ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं पर ताजा बर्फबारी और निचले व मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बारिश से पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड लौट आई है। खासकर जनजातीय और ऊपरी इलाकों में मौसम का असर जनजीवन और यातायात पर साफ नजर आ रहा है।
लाहौल-स्पीति जिले के रोहतांग दर्रा और भरमौर क्षेत्र में करीब 6 इंच तक ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि किन्नौर के कल्पा में लगभग 2.5 सेंटीमीटर हिमपात हुआ। राजधानी शिमला के कुफरी, नारकंडा और खड़ापत्थर में भी हल्की बर्फबारी हुई, जिससे पहाड़ों ने फिर से सफेद चादर ओढ़ ली।
इसके अलावा किन्नौर, शिमला, सिरमौर, कुल्लू, मंडी, चंबा और लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर रविवार को लगातार बर्फ गिरती रही। निचले इलाकों में शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, मंडी, ऊना और हमीरपुर जिलों में बारिश हुई, जिससे ठंड में इजाफा हो गया।
ताजा बर्फबारी के बाद शिमला-ठियोग-रामपुर नेशनल हाईवे पर फिसलन बढ़ गई है। सुबह और देर शाम के समय वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़कें गीली और फिसलन भरी होने से यातायात धीमा रहा। प्रशासन ने पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बारिश और बर्फबारी के बाद प्रदेश के तापमान में फिर से बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान करीब 4.1 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया है। रात के तापमान में भी कमी आने से सुबह और देर रात ठिठुरन बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार आज और कल भी अधिक ऊंचाई और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश व बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। हालांकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिलों में मौसम के साफ रहने की संभावना जताई गई है।
वहीं, 4 और 5 फरवरी को प्रदेशभर में मौसम साफ होने की उम्मीद है, लेकिन 6 फरवरी को एक बार फिर ऊंचे पहाड़ी इलाकों में मौसम बिगड़ सकता है, जिससे दोबारा बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
खराब मौसम के दौरान सोलन जिले में आकाशीय बिजली गिरने की घटना सामने आई है। बिजली की चपेट में आने से 55 भेड़-बकरियों की मौत हो गई, जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
जिला कांगड़ा में रविवार सुबह से ही मौसम खराब रहा। सुबह और दोपहर बाद हल्की बारिश होती रही, जबकि धौलाधार की ऊंची पहाड़ियों पर लगातार हिमपात होता रहा। कांगड़ा के साथ-साथ ऊना और हमीरपुर में भी बारिश से ठंड बढ़ गई है।
हालांकि इस बारिश और बर्फबारी से किसानों के चेहरों पर राहत भी दिखी है। गेहूं सहित अन्य नकदी फसलों को इस प्राकृतिक नमी से फायदा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसान इसे फसलों के लिए संजीवनी मान रहे हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी माह में इस बार सामान्य से करीब 4 प्रतिशत अधिक बारिश-बर्फबारी दर्ज की गई है। हिमाचल में जनवरी 1911 में रिकॉर्ड 246.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी। विभाग का अनुमान है कि फरवरी माह के दौरान भी सामान्य बारिश और बर्फबारी का सिलसिला बना रह सकता है।