नाहन। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में पुलिस ने एक ऐसी फिल्मी अंदाज में रची गई कथित साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसकी पूरी स्क्रिप्ट एक ट्रक चालक ने लिखी थी। योजना के मुताबिक ट्रक में फैक्टरी से 18 टन सरिया लादा गया, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही उसमें से करीब 10 टन सरिया रास्ते में बेच दिया गया। इसके बाद बचे हुए माल के साथ ट्रक को एक सुनसान और गहरी खाई में गिरा दिया गया, ताकि पूरा मामला सड़क हादसा नजर आए और गायब सरिए का राज हमेशा के लिए दब जाए।

फैक्टरी से लदा 18 टन माल, लेकिन मंजिल तक नहीं पहुंचा

पूरा मामला 30 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ। कालाअंब स्थित एक सरिया फैक्टरी से करीब 18 टन सरिया, लोहे के एंगल और पाइप रोहड़ू के लिए ट्रक में लादकर रवाना किए गए थे। ट्रांसपोर्टर ललित कुमार ने यह माल गुरप्रीत सिंह के ट्रक के जरिए भेजा था। सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था, लेकिन रास्ते में कथित तौर पर माल को ठिकाने लगाने की योजना तैयार हो चुकी थी।

 

यह भी पढ़ें : नशे ने फिर छीना हिमाचल से एक जवान बेटा! 23 साल के ऋतिक की किराये के कमरे में मिली देह

रास्ते में गायब हुआ करीब 10 टन सरिया

2 मई को सतौन के समीप हेवण में ट्रक अचानक गहरी खाई में गिर गया। पहली नजर में मामला एक सामान्य सड़क हादसा ही दिखाई दिया। लेकिन 8 मई को जब दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को खाई से बाहर निकाला गया तो पुलिस और संबंधित लोगों के सामने ऐसा तथ्य आया जिसने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। ट्रक में करीब 8 टन माल ही मिला, जबकि लगभग 10 टन सरिया और अन्य सामान गायब था। यहीं से इस कथित हादसे की कहानी पर सवाल उठने लगे।

CCTV ने खोल दी कथित साजिश की परतें

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच अधिकारी सीता नेगी की अगुवाई में टीम ने रास्ते में लगे निगरानी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। CCTV फुटेज में कालाअंब से निकलते समय ट्रक पूरा लदा हुआ दिखाई दिया, लेकिन बद्रीपुर पहुंचने तक उसमें माल की मात्रा काफी कम नजर आई। यही फुटेज पुलिस जांच में अहम कड़ी साबित हुई और हादसे के पीछे किसी साजिश की आशंका और गहरी हो गई।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: पुल से नदी में कूद गई 38 साल की महिला, युवकों ने बाहर निकाला... पर नहीं बचा सके जा*न

कटासन में 10 टन सरिया बेचने का खुलासा

पुलिस जांच में कथित तौर पर सामने आया कि ट्रक चालक ने कटासन के पास करीब 10 टन सरिया सौरव नामक व्यक्ति को 3.60 लाख रुपये में बेच दिया था। पुलिस के अनुसार चालक को इस सौदे की करीब तीन लाख रुपये की रकम भी मिल चुकी थी। यानी जिस ट्रक में 18 टन माल लेकर चालक रवाना हुआ था, उसमें से एक बड़ा हिस्सा मंजिल तक पहुंचने से पहले ही कथित तौर पर गायब कर दिया गया।

ट्रक को खाई में गिराने की कथित योजना

जांच में पुलिस को कथित तौर पर यह भी पता चला कि ट्रक को खाई में गिराने से पहले घटनास्थल की रेकी की गई थी। जिस स्थान पर ट्रक को गिराया गया, वहां कुछ समय पहले एक पिकअप भी गहरी खाई में गिर चुकी थी और उसके परखच्चे उड़ गए थे। पुलिस को आशंका है कि इसी वजह से इस जगह को चुना गया, ताकि ट्रक को नुकसान पहुंचने और माल के गायब होने की कहानी को सड़क दुर्घटना का रूप दिया जा सके।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में आयकर अधिकारी ने मांगी पांच लाख रुपए रिश्वत, CBI ने कसा शिकंजा; आरोपी फरार

हादसे के बाद बीमा कंपनी से भी लिया करीब 8 लाख का दावा

मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि दुर्घटना के बाद कथित तौर पर बीमा कंपनी से करीब 8 लाख रुपये का दावा भी लिया गया। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है और बीमा कंपनी को मामले की जानकारी दी जा रही है। अगर जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो मामला केवल माल खुर्द-बुर्द करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कथित तौर पर हादसा रचने और बीमा क्लेम हासिल करने की पूरी प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आएगी।

ट्रांसपोर्टर को दोबारा भेजना पड़ा करीब 12 लाख का माल

करीब 10 टन सरिया गायब होने के बाद इसका सीधा आर्थिक नुकसान ट्रांसपोर्टर ललित कुमार को उठाना पड़ा। संबंधित पार्टी को सामान की आपूर्ति पूरी करने के लिए उन्हें करीब 12 लाख रुपये का सरिया दोबारा भेजना पड़ा। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत सिरमौर के पुलिस अधीक्षक से की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और धीरे-धीरे कथित साजिश की कड़ियां जुड़ती चली गईं।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में नशा तस्करी का भंडाफोड़, पुलिस ने पंजाब से दबोचा लाखों के चिट्टा तस्करी का मुख्य सप्लायर

पुलिस ने 60 हजार रुपये की रिकवरी करवाई

जांच के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 60 हजार रुपये की रिकवरी ट्रांसपोर्टर को करवाई है। पुलिस अब गायब माल, पैसों के लेन-देन और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका से जुड़े तथ्यों को भी खंगाल रही है।

मुख्य आरोपी को अग्रिम जमानत, कथित खरीदार जेल में

मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे चालक और ट्रक मालिक गुरप्रीत सिंह ने अदालत से अग्रिम जमानत ले ली है। वहीं, पुलिस के अनुसार कथित रूप से 10 टन सरिया खरीदने वाला सौरव वर्तमान में हरियाणा के कुरुक्षेत्र में हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल में बंद है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : टाइलें लेकर जा रही पिकअप पलटी, एक की मौ**त; 4 लोग घायल

हादसा नहीं, माल गायब करने की कथित कहानी!

सिरमौर पुलिस की जांच ने जिस तरह इस पूरे घटनाक्रम की परतें खोली हैं, उसने शुरुआत में दिखाई दे रहे सड़क हादसे के पीछे कथित साजिश की तस्वीर सामने ला दी है। 18 टन सरिया लेकर निकला ट्रक, रास्ते में 10 टन माल की कथित बिक्री और फिर बचे माल के साथ ट्रक को खाई में गिराना—पूरी कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें