शिमला। हिमाचल प्रदेश में आए दिन बच्चियों, युवतियों और महिलाओं के साथ हो रहे दुराचार के मामले में सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में इंसाफ पाने के लिए ज्यादातर पीड़िताओं को लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है। यहां पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय पोक्सो कोर्ट किन्नोर स्थित रामपुर बुशहर की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है।

स्कूल गई बेटी, नहीं लौटी घर

यह मामला 26 जून, 2025 को रामपुर पुलिस थाने में दर्ज हुआ था। पीड़िता के परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनकी 15 साल की बेटी स्कूल गई थी। मगर शाम तक भी वो घर वापस नहीं लौटी। जिसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश की।

यह भी पढ़ें : CM दफ्तर उद्घाटन के बाद भाजपा पर बरसे सुक्खू, बोले- यह मेरा घर नहीं...

गाड़ी में ले गया अरुण कुमार

इस दौरान उन्हें पता चला कि कुल्लू के आनी का रहने वाला अरुण कुमार बच्ची को अपने साथ बहला-फुसलाकर गाड़ी में ले गया था। इसके बाद उसने सुनसान रास्ते पर सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर लड़की के साथ जबरन दुष्कर्म किया। लड़की के परिजनों ने बताया कि करीब एक महीना पहले भी अरुण कुमार उसे अपने साथ गाड़ी में ले गया था। तब भी उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे।

कोर्ट पहुंचा मामला

शिकायत दर्ज होने के बाद बाद पुलिस ने जांच शुरू कर आरोपी के खिलाफ BNS तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत मामला दर्ज कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की। फिर मामला कोर्ट पहुंचा।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में आर्थिक संकट के बीच MLA निधि जारी- इन इलाकों पर मेहरबान हुई सरकार

16 गवाह किए पेश

उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने अदालत में मजबूती से पक्ष रखा और आरोपी के खिलाफ सभी जरूरी दलीलें पेश कीं। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 16 अहम गवाहों के बयान पेश किए। इसके अलावा वैज्ञानिक साक्ष्य और दूसरे जरूरी सबूत भी रखे गए। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।

अदालत ने सुनाई सख्त सजा

सभी गवाहों, वैज्ञानिक सबूतों और रिकॉर्ड का गहन अध्ययन करने के बाद अदालत ने आरोपी अरुण कुमार को पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत दोषी करार दिया। इसके बाद अदालत ने उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें