शिमला। हिमाचल प्रदेश में नगर निगम शिमला ने जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। जनगणना किट प्राप्त करने के बावजूद ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होने वाले चार कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जनगणना किट के साथ कर्मचारी गायब
निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर संबंधित कर्मचारी संतोषजनक जवाब देने में असफल रहते हैं या अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते हैं- तो उनके खिलाफ FIR दर्ज करवाने सहित नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में 6 जिले अलर्ट पर- अगले तीन दिन खूब सताएगा मौसम, जमकर होगी बारिश
लापरवाही पर नहीं मिलेगी राहत
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी कर्मचारियों को पहले ही उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया जा चुका है और आवश्यक प्रशिक्षण के साथ जनगणना किट भी उपलब्ध करवाई गई है। इसके बावजूद कुछ कर्मचारियों का ड्यूटी से अनुपस्थित रहना गंभीर मामला माना गया है।
26 कर्मचारियों के मामलों की होगी जांच
चार कर्मचारियों के अलावा 26 अन्य कर्मचारियों ने विभिन्न कारणों का हवाला देकर अपनी जनगणना ड्यूटी रद्द करवाने का अनुरोध किया है। इन मामलों की सत्यता जांचने के लिए नगर निगम ने मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्णय लिया है। अगर जांच में दिए गए कारण सही नहीं पाए गए तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में सायरन बजाती रही AMBULANCE, नहीं हटाई कैश वैन- पुलिस ने सिखाया सबक
नगर निगम को मिली है बड़ी जिम्मेदारी
इस बार शिमला शहर में जनगणना कार्य के संचालन के लिए नगर निगम को नोडल एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों को घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने का दायित्व दिया गया है। निगम प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रत्येक घर और परिवार का सही एवं पूर्ण रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।
15 जून से शुरू हो चुका है पहला चरण
शहर में जनगणना का पहला चरण 15 जून से शुरू हो चुका है, जिसके तहत मकानों की गणना की जा रही है। इसके बाद दूसरे चरण में प्रत्येक परिवार और उसमें रहने वाले लोगों का विस्तृत विवरण एकत्र किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि दोनों चरणों को समय पर पूरा करना बेहद जरूरी है, इसलिए कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार की नई व्यवस्था : बेरोजगारों को 6 महीने की नौकरी, रोज मिलेंगे 1500 रुपये
सभी कर्मचारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि सभी नियुक्त कर्मचारियों को जल्द से जल्द फील्ड में जाकर अपना कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीतियों के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार होती है। ऐसे में प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाए।
अनुशासनहीनता पर रहेगी कड़ी नजर
नगर निगम ने संकेत दिए हैं कि जनगणना कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना का कार्य बिना किसी बाधा के तय समय के भीतर पूरा हो और शहर के प्रत्येक परिवार का सही आंकड़ा सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हो सके।
